गर्मी और उमस में पसीना आना सामान्य है, लेकिन ढीले सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, शरीर को सूखा रखने और तेज धूप से बचने जैसे आसान उपायों से परेशानी को कम किया जा सकता है।
6 Easy Ways to Manage Excessive Sweating and Stay Comfortable in Hot Weather | AI Image
नई दिल्ली (भारत)। गर्मी और उमस के मौसम में पसीना आना सामान्य है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पसीना जरूरी होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पसीना आने पर कपड़ों पर दाग, बदबू और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ आसान उपायों से पसीने और उससे होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है।
1. ढीले और सूती कपड़े पहनें
गर्मी में कॉटन जैसे हल्के और सांस लेने वाले कपड़े पहनें। बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़ों से बचें, क्योंकि इनमें शरीर की गर्मी और नमी अधिक देर तक बनी रह सकती है।
2. शरीर को साफ और सूखा रखें
नियमित स्नान करें और खासकर बगल, गर्दन, पैरों और शरीर की उन जगहों को अच्छी तरह सुखाएं जहां अधिक पसीना आता है। नमी बनी रहने पर त्वचा में जलन और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
3. पर्याप्त पानी पिएं
पसीने के कारण शरीर से पानी की कमी हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। बहुत अधिक पसीना आने पर तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत भी बढ़ सकती है।
4. तेज मसालों और बहुत गर्म पेय सीमित करें
कुछ लोगों में बहुत मसालेदार भोजन, अत्यधिक गर्म चाय-कॉफी या गर्म पेय पसीना बढ़ा सकते हैं। अगर आपको ऐसा अनुभव होता है तो इनका सेवन कम करने की कोशिश करें।
5. एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करें
बगल में ज्यादा पसीना आता है तो एंटीपर्सपिरेंट मददगार हो सकता है। इसे उत्पाद के निर्देश के अनुसार साफ और सूखी त्वचा पर लगाएं। संवेदनशील त्वचा होने पर पहले छोटे हिस्से पर इस्तेमाल करके देखें।
6. बाहर निकलते समय रखें सावधानी
धूप में निकलते समय हल्के कपड़े पहनें, सिर को ढकें और लंबे समय तक तेज धूप में रहने से बचें। बहुत गर्म वातावरण में बीच-बीच में ठंडी या छायादार जगह पर आराम करें।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर बिना गर्मी या व्यायाम के भी बहुत ज्यादा पसीना आता है, रात में अत्यधिक पसीना होता है, अचानक पसीना बढ़ गया है या इसके साथ चक्कर, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अत्यधिक पसीना कभी-कभी किसी स्वास्थ्य समस्या या दवा के प्रभाव से भी जुड़ा हो सकता है।
ध्यान रखें: पसीना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। लक्ष्य इसे पूरी तरह रोकना नहीं, बल्कि अत्यधिक पसीने और उससे होने वाली परेशानी को नियंत्रित करना होना चाहिए।
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