14 सितंबर 2026, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह करीब 7:07 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक रहेगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया सुबह 7:07 बजे तक, फिर चतुर्थी।
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: सोमवार
नक्षत्र: चित्रा दोपहर 1:55 बजे तक, फिर स्वाति।
योग: ब्रह्म दोपहर करीब 12:46 बजे तक, फिर इंद्र।
करण: गर सुबह 7:07 बजे तक, फिर वणिज शाम करीब 7:21 बजे तक, इसके बाद विष्टि।
चंद्र राशि: तुला।
सूर्य राशि: सिंह।
सूर्योदय: प्रातः 6:05 बजे लगभग
सूर्यास्त: सायं 6:28 बजे लगभग
चंद्रोदय: प्रातः करीब 9:00 बजे
चंद्रास्त: रात्रि करीब 8:09 बजे
14 सितंबर के शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:33 से 5:19 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:19 से 3:08 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:16 से 6:40 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 6:28 से रात करीब 8:48 बजे तक
निशीथ मुहूर्त: रात करीब 11:53 से 12:40 बजे तक
राहुकाल: 7:38–9:11 AM
गुलिक काल: 1:49–3:22 PM
यमगंड: 10:44 AM–12:17 PM
वर्ज्य: रात करीब 7:50–9:32 बजे
दिन का चौघड़िया
चौघड़िया समय फल
अमृत 6:05–7:38 AM सर्वोत्तम
काल 7:38–9:11 AM अशुभ
शुभ 9:11–10:44 AM शुभ
रोग 10:44 AM–12:17 PM अशुभ
उद्वेग 12:17–1:49 PM अशुभ
चर 1:49–3:22 PM सामान्य
लाभ 3:22–4:55 PM शुभ
अमृत 4:55–6:28 PM सर्वोत्तम
रात का चौघड़िया
चौघड़िया समय फल
चर 6:28–7:55 PM सामान्य
लाभ 7:55–9:22 PM शुभ
अमृत 9:22–10:49 PM सर्वोत्तम
काल 10:49 PM–12:17 AM अशुभ
शुभ 12:17–1:44 AM शुभ
रोग 1:44–3:11 AM अशुभ
उद्वेग 3:11–4:39 AM अशुभ
चर 4:39–6:06 AM सामान्य
आज के पर्व त्यौहार:-
- गणेश चतुर्थी
- चौठचंद्र (चौरचन)
डिस्क्लेमर: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। इस लेख में दिए गए पंचांग और मुहूर्त धार्मिक मान्यताओं तथा उपलब्ध पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं। अलग-अलग शहर और पंचांग पद्धति के अनुसार समय में अंतर हो सकता है। किसी विशेष पूजा या धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग या विद्वान से समय की पुष्टि करें।
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