प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

एकादशी व्रत का विशेष महत्व

कामदा एकादशी व्रत: पापों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का पावन पर्व

सनातन धर्म मे एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

कामदा एकादशी व्रत पापों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का पावन पर्व

Kamada Ekadashi Vrat |

नई दिल्ली (भारत)। सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। चैत्र शुक्ल पक्ष और श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यता है, कि श्रद्धा और विधि-विधान से इस व्रत का पालन करने से पापों का क्षय होता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी कारण इसे वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है।

गंधर्व ललित और ललिता से जुड़ी कथा 

पुराणों के अनुसार, कामदा एकादशी की कथा गंधर्व दंपति ललित और ललिता से जुड़ी है। कहा जाता है, कि एक शाप के कारण ललित राक्षस योनि में चला गया। तब उसकी पत्नी ललिता ने ऋषियों के निर्देश पर कामदा एकादशी का व्रत रखा और उसका पुण्य अपने पति को समर्पित किया। व्रत के प्रभाव से ललित शापमुक्त होकर अपने दिव्य स्वरूप में लौट आया। इसी कथा के आधार पर यह मान्यता प्रचलित है, कि यह व्रत बड़े से बड़े दोष और कष्टों से भी मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

भगवान विष्णु के संग माँ लक्ष्मी की की जाती है पूजा

व्रत के दिन प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। भगवान को पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। दिनभर उपवास रखकर विष्णु सहस्रनाम, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप तथा कामदा एकादशी व्रत कथा का श्रवण या पाठ किया जाता है। अगले दिन द्वादशी तिथि में पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

यथासंभव दान का भी विधान

धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य, जरूरतमंदों की सहायता और सात्विक जीवन का विशेष महत्व है। क्रोध, असत्य, निंदा और तामसिक भोजन से दूर रहकर भक्ति भाव से व्रत करने का विशेष फल बताया गया है।

कामदा एकादशी व्रत की प्रमुख बातें

  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
  • तुलसी दल अर्पित कर विष्णु मंत्रों का जप करें।
  • व्रत कथा का श्रवण या पाठ अवश्य करें।
  • दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करें।
  • द्वादशी तिथि में विधि-विधान से व्रत का पारण करें।

इस व्रत से प्राप्त होती है भगवान विष्णु की विशेष कृपा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

यह भी पढ़ेंः मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल मांगी

Related to this topic: