19 सितंबर 2026 (शनिवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन राधाष्टमी, महालक्ष्मी व्रत का आरंभ, दधीचि जयंती, ज्येष्ठा गौरी विसर्जन और मासिक दुर्गाष्टमी के अवसर हैं।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: अष्टमी — दोपहर 3:26 बजे तक, इसके बाद नवमी
नक्षत्र: मूल — रात 1:43 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: आयुष्मान — दोपहर 2:29 बजे तक, इसके बाद सौभाग्य
करण: बव — दोपहर 3:26 बजे तक, इसके बाद बालव; अगले दिन सुबह 4:40 बजे तक बालव
वार: शनिवार
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कन्या
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:08 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:22 बजे लगभग
चंद्रोदय: दोपहर 1:48 बजे लगभग
चंद्रास्त: रात 11:45 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल प्रातः 06:08 से 07:40 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 07:40 से 09:11 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 09:11 से 10:43 बजे तक
लाभ उन्नति प्रातः 10:43 से दोपहर 12:15 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 12:15 से 01:46 बजे तक
काल हानि दोपहर 01:46 से 03:18 बजे तक
शुभ उत्तम दोपहर 03:18 से 04:50 बजे तक
रोग अमंगल शाम 04:50 से 06:22 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल हानि शाम 06:22 से 07:51 बजे तक
लाभ उन्नति रात 07:51 से 09:20 बजे तक
उद्वेग अशुभ रात 09:20 से 10:49 बजे तक
शुभ उत्तम रात 10:49 से 12:18 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम रात 12:18 से 01:47 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 01:47 से 03:16 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 03:16 से 04:45 बजे तक
काल हानि प्रातः 04:45 से 06:08 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 बजे से 3:09 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम 6:22 बजे से 6:46 बजे तक
राहुकाल: सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक
यमगंड: दोपहर 1:46 बजे से 3:18 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 6:08 बजे से 7:40 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 6:08 से 6:57 बजे तथा सुबह 6:57 से 7:46 बजे तक
अमृत काल: शाम 6:31 बजे से रात 8:19 बजे तक
वर्ज्य: सुबह 7:44 से 9:32 बजे तथा रात 11:55 बजे से अगले दिन 1:43 बजे तक
दिशा शूल: पूर्व दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर परंपरा के अनुसार उड़द या अदरक खाकर यात्रा प्रारंभ की जा सकती है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कन्या
चंद्रमा धनु
मंगल मिथुन
बुध कन्या
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
राधाष्टमी
महालक्ष्मी व्रत आरंभ
दधीचि जयंती
मासिक दुर्गाष्टमी
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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