23 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। इस दिन श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष एकादशी (24 अगस्त की प्रातः लगभग 04:19 बजे तक), इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ।
माह: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: रविवार
नक्षत्र: मूल (सायं लगभग 05:45 बजे तक), इसके बाद पूर्वाषाढ़ा।
योग: विष्कंभ योग (प्रातः लगभग 06:15 बजे तक), इसके बाद प्रीति योग।
करण: वणिज (दोपहर लगभग 03:11 बजे तक), इसके बाद विष्टि (भद्रा)।
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: सिंह
सूर्योदय: प्रातः 05:54 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 06:53 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: दोपहर लगभग 03:50 बजे (लगभग)
चंद्रास्त: रात्रि लगभग 01:05 बजे (लगभग)
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
उद्वेग अशुभ प्रातः 05:54 से 07:32 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 07:32 से 09:10 बजे तक
लाभ उन्नति प्रातः 09:10 से 10:48 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 10:48 से 12:26 बजे तक
काल हानि दोपहर 12:26 से 02:04 बजे तक
शुभ उत्तम दोपहर 02:04 से 03:42 बजे तक
रोग अमंगल सायं 03:42 से 05:15 बजे तक
उद्वेग अशुभ सायं 05:15 से 06:53 बजे तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ उत्तम सायं 06:53 से 08:16 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम रात्रि 08:16 से 09:39 बजे तक
चर सामान्य रात्रि 09:39 से 11:02 बजे तक
रोग अमंगल रात्रि 11:02 से 12:25 बजे तक
काल हानि रात्रि 12:25 से 01:48 बजे तक
लाभ उन्नति रात्रि 01:48 से 03:11 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 03:11 से 04:32 बजे तक
शुभ उत्तम प्रातः 04:32 से 05:54 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:59 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक।
राहुकाल: सायं 05:15 बजे से 06:53 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 12:23 बजे से 02:01 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 03:38 बजे से 05:15 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:26 बजे से 05:10 बजे तक।
दिशाशूल: पश्चिम दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार पान या दलिया का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य सिंह
चंद्रमा धनु
मंगल मिथुन
बुध सिंह
गुरु (बृहस्पति) कर्क
शुक्र कन्या
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
श्रावण पुत्रदा एकादशी: 23 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि होने के कारण पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने की धार्मिक परंपरा है।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
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