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आज का पंचांग

03 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग

03 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। सावन मास में भगवान शिव की पूजा के साथ नाग देवता के स्मरण और पंचमी तिथि पर विशेष पूजा-पाठ का भी धार्मिक महत्व माना जाता है।

03 अगस्त 2026 सोमवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग

The Panchami Tithi of the month of Shravana (Krishna Paksha) |

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष पंचमी (रात्रि 08: 23 तक), इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ

माह: श्रावण

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: सोमवार

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (संध्या 06: 53 तक इसके बाद रेवती)

योग: धृति योग

करण: बालव, तत्पश्चात कौलव

चंद्र राशि: मीन

सूर्य राशि: कर्क

सूर्योदय: प्रातः 05:55 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 07:00 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: रात्रि लगभग 10:20 बजे

चंद्रास्त: प्रातः लगभग 10:00 बजे

दिन का चौघड़िया

प्रकृति                 फल                   समय अवधि

अमृत                 सर्वोत्तम               प्रातः 05:55 से 07:36 तक
काल                  हानि                   प्रातः 07:36 से 09:17 तक
शुभ                   उत्तम                  प्रातः 09:17 से 10:58 तक
रोग                   अमंगल                प्रातः 10:58 से 12:39 तक
उद्वेग                 अशुभ                 दोपहर 12:39 से 02:20 तक
चर                    सामान्य              दोपहर 02:20 से 04:01 तक
लाभ                  उन्नति                सायं 04:01 से 05:42 तक
अमृत                सर्वोत्तम             सायं 05:42 से 07:00 तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति                फल                   समय अवधि

चर                    सामान्य              सायं 07:00 से 08:20 तक
रोग                   अमंगल              रात्रि 08:20 से 09:39 तक
काल                 हानि                  रात्रि 09:39 से 10:58 तक
लाभ                 उन्नति                रात्रि 10:58 से 12:17 तक
उद्वेग               अशुभ                रात्रि 12:17 से 01:36 तक
शुभ                 उत्तम                 रात्रि 01:36 से 02:55 तक
अमृत              सर्वोत्तम               रात्रि 02:55 से 04:14 तक
चर                 सामान्य               प्रातः 04:14 से 05:55 तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:54 बजे तक।

राहुकाल: प्रातः 07:36 बजे से 09:17 बजे तक।

यमगण्ड: 10:58 बजे से 12:39 बजे तक।

गुलिक काल: दोपहर 02:20 बजे से 04:01 बजे तक।

दिशाशूल: पूर्व दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो दर्पण देखकर अथवा दूध का सेवन कर प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                      राशि

सूर्य                     कर्क
चंद्रमा                  मीन
मंगल                  वृषभ
बुध                    मिथुन
गुरु (बृहस्पति)     कर्क
शुक्र                  सिंह
शनि                  मीन
राहु                   कुंभ
केतु                  सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी कार्य से पूर्व अपने क्षेत्र के पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

यह भी पढ़ेंः सावन में आस्था का केंद्र बना उगना महादेव मंदिर, भगवान शिव-विद्यापति की कथा से जुड़ा अनोखा इतिहास

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