आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। सुबह करीब 7:01 बजे तक प्रतिपदा तिथि रहने के बाद द्वितीया तिथि आरंभ हो जाएगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: कार्तिक
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: प्रतिपदा — सुबह करीब 7:01 बजे तक, इसके बाद द्वितीया
नक्षत्र: भरणी — दोपहर करीब 3:39 बजे तक, इसके बाद कृत्तिका
योग: सिद्धि — सुबह करीब 10:53 बजे तक, इसके बाद व्यतीपात
करण: कौलव — सुबह करीब 7:01 बजे तक, इसके बाद तैतिल
वार: मंगलवार
चंद्र राशि: मेष — रात करीब 9:06 बजे तक, इसके बाद वृषभ
सूर्य राशि: तुला
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह करीब 6:29 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 5:40 बजे
चंद्रोदय: शाम करीब 6:23 बजे
चंद्रास्त: सुबह करीब 7:31 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
रोग — अमंगल — सुबह 6:29 से 7:53 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — सुबह 7:53 से 9:17 बजे तक
चर — सामान्य — सुबह 9:17 से 10:41 बजे तक
लाभ — उन्नति — सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — दोपहर 12:05 से 1:29 बजे तक
काल — हानि — दोपहर 1:29 से 2:52 बजे तक
शुभ — उत्तम — दोपहर 2:52 से शाम 4:16 बजे तक
रोग — अमंगल — शाम 4:16 से 5:40 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
काल — हानि — शाम 5:40 से 7:16 बजे तक
लाभ — उन्नति — रात 7:16 से 8:52 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — रात 8:52 से 10:28 बजे तक
शुभ — उत्तम — रात 10:28 से 12:04 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — रात 12:04 से 1:40 बजे तक
चर — सामान्य — रात 1:40 से 3:16 बजे तक
रोग — अमंगल — रात 3:16 से 4:52 बजे तक
काल — हानि — सुबह 4:52 से 6:29 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:47 से 5:38 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह करीब 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 1:57 से 2:41 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम करीब 5:40 से 6:06 बजे तक
राहुकाल: दोपहर करीब 2:52 से शाम 4:16 बजे तक
यमगंड: सुबह 9:17 से 10:41 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:05 से 1:29 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह करीब 8:44 से 9:28 बजे तक
दिशा शूल: मंगलवार को पारंपरिक मान्यता के अनुसार उत्तर दिशा में दिशा शूल माना जाता है। यात्रा से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह: राशि
सूर्य: तुला
चंद्रमा: मेष से वृषभ
मंगल: कर्क
बुध: तुला
गुरु: कर्क
शुक्र: तुला
शनि: मीन
राहु: कुंभ
केतु: सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
कार्तिक मास का आरंभ
कार्तिक मास को हिंदू धर्म में विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा, दीपदान, तुलसी पूजन, स्नान और दान की परंपरा प्रचलित है। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। कार्तिक मास में सुबह स्नान, भगवान का स्मरण और जरूरतमंदों की सहायता को विशेष महत्व दिया जाता है। कई स्थानों पर पूरे महीने दीपदान और तुलसी के समीप दीपक जलाने की परंपरा भी निभाई जाती है।
आज क्या करें?
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और अपने आराध्य देव का स्मरण करें।
- मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
- कार्तिक मास की परंपरा के अनुसार भगवान विष्णु का पूजन करें।
- शाम को घर के पूजा स्थल या तुलसी के पास दीपक जलाएं, यदि आपकी पारिवारिक परंपरा में ऐसा किया जाता है।
- अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री दान करें।
- क्रोध और विवाद से बचते हुए परिवार तथा समाज में सहयोग और सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करें।
- किसी मांगलिक कार्य या यात्रा से पहले स्थानीय पंचांग में शुभ-अशुभ समय की पुष्टि करें।
Disclaimer: PrimeNews इस लेख में दी गई पंचांग संबंधी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह उपलब्ध पंचांग गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चौघड़िया और मुहूर्त में स्थान तथा गणना-पद्धति के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण पूजा, व्रत या शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।
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