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आज का पंचांग

3 अक्टूबर 2026 शनिवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग

3 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह करीब 7:59 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। पितृ पक्ष के दौरान अष्टमी तिथि के कारण अष्टमी श्राद्ध होगा।

3 अक्टूबर 2026 शनिवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग

जानें आज का पंचांग | AI Image

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: आश्विन

ऋतु: शरद ऋतु

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: सप्तमी — सुबह 7:59 बजे तक, इसके बाद अष्टमी

नक्षत्र: आर्द्रा — रात 1:29 बजे तक, इसके बाद पुनर्वसु

योग: वरियान — दोपहर 3:21 बजे तक, इसके बाद परिघ

करण: बव — सुबह 7:59 बजे तक, इसके बाद बालव — शाम 6:54 बजे तक, फिर कौलव

वार: शनिवार

चंद्र राशि: मिथुन

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:15 बजे लगभग

सूर्यास्त: शाम 6:05 बजे लगभग

चंद्रोदय: रात 11:32 बजे लगभग

चंद्रास्त: दोपहर 1:04 बजे लगभग

दिन का चौघड़िया

प्रकृति        फल                समय अवधि

काल            हानि                प्रातः 06:15 से 07:44 बजे तक
शुभ             उत्तम               प्रातः 07:44 से 09:12 बजे तक
रोग             अमंगल             प्रातः 09:12 से 10:41 बजे तक
उद्वेग           अशुभ              प्रातः 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक
चर              सामान्य            दोपहर 12:10 से 01:39 बजे तक
लाभ            उन्नति              दोपहर 01:39 से 03:07 बजे तक
अमृत          सर्वोत्तम            दोपहर 03:07 से 04:36 बजे तक
काल           हानि                शाम 04:36 से 06:05 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति        फल                समय अवधि

लाभ           उन्नति              शाम 06:05 से 07:36 बजे तक
उद्वेग          अशुभ             शाम 07:36 से 09:08 बजे तक
शुभ            उत्तम              रात 09:08 से 10:39 बजे तक
अमृत         सर्वोत्तम           रात 10:39 से 12:10 बजे तक
चर            सामान्य            प्रातः 12:10 से 01:42 बजे तक
रोग           अमंगल            प्रातः 01:42 से 03:13 बजे तक
काल          हानि               प्रातः 03:13 से 04:44 बजे तक
लाभ          उन्नति              प्रातः 04:44 से 06:15 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:38 से 5:26 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:08 से 2:56 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम करीब 6:05 से 6:29 बजे तक

राहुकाल: सुबह 9:12 से 10:41 बजे तक

यमगंड: दोपहर 1:39 से 3:07 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 6:15 से 7:44 बजे तक

दुर्मुहूर्त: सुबह 6:15 से 7:02 बजे तथा 7:02 से 7:50 बजे तक

अमृत काल: शाम करीब 4:05 से 5:35 बजे तक

वर्ज्य: सुबह करीब 10:49 से दोपहर 12:19 बजे तक

दिशा शूल: पूर्व दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                राशि

सूर्य                कन्या
चंद्रमा            मिथुन
मंगल            मिथुन
बुध                कन्या
गुरु                कर्क
शुक्र                तुला
शनि                मीन
राहु                कुंभ
केतु                सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

  • अष्टमी श्राद्ध
  • जीवित्पुत्रिका व्रत
  • कालाष्टमी
  • महालक्ष्मी व्रत की समाप्ति

आज क्या करें?

  • पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
  • अष्टमी श्राद्ध अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, भोजन या वस्त्र का दान करें।
  • जीवित्पुत्रिका व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार व्रत और पूजा करें।
  • भगवान शिव तथा माता पार्वती का स्मरण करें।
  • शनिवार होने के कारण हनुमान जी और शनिदेव की पूजा अपनी श्रद्धा के अनुसार कर सकते हैं।
  • पितृ पक्ष के दौरान सात्विक आहार और संयमित दिनचर्या का पालन करें।

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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