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आज का पंचांग

18 सितंबर 2026 शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग

18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। सप्तमी तिथि रात करीब 10:16 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।

18 सितंबर 2026 शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग

The Saptami Tithi of the month of Bhadrapada (Shukla Paksha) | AI Image

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: सप्तमी — रात 10:16 बजे तक, इसके बाद अष्टमी

नक्षत्र: ज्येष्ठा — शाम 6:35 बजे तक, इसके बाद मूल

योग: शूल — दोपहर करीब 2:00 बजे तक, इसके बाद गण्ड

करण: बव — सुबह करीब 8:30 बजे तक, इसके बाद बालव; रात 10:16 बजे के बाद कौलव

वार: शुक्रवार

चंद्र राशि: वृश्चिक

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:08 बजे लगभग

सूर्यास्त: शाम 6:23 बजे लगभग

चंद्रोदय: दोपहर 2:18 बजे लगभग

चंद्रास्त: रात 12:40 बजे लगभग

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल            समय अवधि

चर                 सामान्य        प्रातः 06:08 से 07:39 बजे तक
लाभ               उन्नति          प्रातः 07:39 से 09:10 बजे तक
अमृत             सर्वोत्तम        प्रातः 09:10 से 10:41 बजे तक
काल              हानि            प्रातः 10:41 से दोपहर 12:12 बजे तक
शुभ               उत्तम           दोपहर 12:12 से 01:43 बजे तक
रोग               अमंगल        दोपहर 01:43 से 03:14 बजे तक
उद्वेग             अशुभ          दोपहर 03:14 से 04:45 बजे तक
चर                सामान्य        शाम 04:45 से 06:23 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति            फल              समय अवधि

रोग                 अमंगल         शाम 06:23 से 07:52 बजे तक
काल                हानि            रात 07:52 से 09:21 बजे तक
लाभ                उन्नति           रात 09:21 से 10:50 बजे तक
उद्वेग               अशुभ          रात 10:50 से 12:19 बजे तक
शुभ                 उत्तम          रात 12:19 से 01:48 बजे तक
अमृत              सर्वोत्तम        प्रातः 01:48 से 03:17 बजे तक
चर                 सामान्य         प्रातः 03:17 से 04:46 बजे तक
रोग                अमंगल         प्रातः 04:46 से 06:08 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:21 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 बजे से 3:09 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम 6:23 बजे से 6:47 बजे तक

राहुकाल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक

यमगंड: दोपहर 3:14 बजे से शाम 4:45 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 7:39 बजे से 9:10 बजे तक

दुर्मुहूर्त: सुबह 8:35 से 9:25 बजे तक तथा दोपहर 12:41 से 1:31 बजे तक

अमृत काल: सुबह करीब 10:15 बजे से 11:50 बजे तक

वर्ज्य: रात करीब 1:10 बजे से 2:48 बजे तक

दिशा शूल: पश्चिम दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक हो तो जौ या दुध का सेवन करके यात्रा प्रारंभ की जा सकती है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                राशि

सूर्य                कन्या
चंद्रमा            वृश्चिक
मंगल             मिथुन
बुध               कन्या
गुरु               कर्क
शुक्र              तुला
शनि              मीन
राहु               कुंभ
केतु               सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

ललितासप्तमी 

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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