04 अगस्त 2026 (मंगलवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। सावन माह में भगवान शिव की आराधना के साथ षष्ठी तिथि पर भगवान कार्तिकेय के पूजन का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष षष्ठी (रात्रि 09:17 बजे तक), इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ
माह: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: मंगलवार
नक्षत्र: रेवती (रात्रि 08:05 बजे तक), इसके बाद अश्विनी
योग: शूल योग (सायं 05:48 बजे तक), इसके बाद गण्ड योग
करण: कौलव, तत्पश्चात तैतिल
चंद्र राशि: मीन (रात्रि 08:05 बजे तक), इसके बाद मेष
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय: प्रातः 05:56 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 06:59 बजे (लगभग)
चंद्रोदय: रात्रि लगभग 10:55 बजे
चंद्रास्त: प्रातः लगभग 10:45 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल प्रातः 05:56 से 07:37 तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 07:37 से 09:18 तक
चर सामान्य प्रातः 09:18 से 10:59 तक
लाभ उन्नति प्रातः 10:59 से 12:40 तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 12:40 से 02:21 तक
काल हानि दोपहर 02:21 से 04:02 तक
शुभ उत्तम सायं 04:02 से 05:43 तक
रोग अमंगल सायं 05:43 से 06:59 तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल हानि सायं 06:59 से 08:18 तक
लाभ उन्नति रात्रि 08:18 से 09:37 तक
उद्वेग अशुभ रात्रि 09:37 से 10:56 तक
शुभ उत्तम रात्रि 10:56 से 12:15 तक
अमृत सर्वोत्तम रात्रि 12:15 से 01:34 तक
चर सामान्य रात्रि 01:34 से 02:53 तक
रोग अमंगल रात्रि 02:53 से 04:12 तक
काल हानि प्रातः 04:12 से 05:56 तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:54 बजे तक।
राहुकाल: दोपहर 02:21 बजे से 04:02 बजे तक।
यमगण्ड: प्रातः 09:18 बजे से 10:59 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 12:40 बजे से 02:21 बजे तक।
दिशाशूल: उत्तर दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है। यात्रा से पहले हनुमान जी का आशीर्वाद लें।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कर्क
चंद्रमा मीन (रात्रि 08:05 बजे तक इसके बाद मेष)
मंगल वृषभ
बुध मिथुन
गुरु (बृहस्पति) कर्क
शुक्र सिंह
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
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