ICEYE और Nokia ने सरकारों व रक्षा ग्राहकों के लिए सुरक्षित और संप्रभु लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट संचार प्रणाली विकसित करने के लिए साझेदारी की है।
हेलसिंकी: ICEYE और नोकिया ने सरकारों के लिए सुरक्षित और संप्रभु ब्रॉडबैंड लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रह संचार प्रणाली विकसित करने के लिए साझेदारी की है। कंपनियों ने बुधवार को बताया कि पहले संचार उपग्रहों को 2028 में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। कंपनियों ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि संयुक्त रूप से विकसित की गई ये प्रणालियां सरकारी और रक्षा ग्राहकों के लिए डिज़ाइन की जाएंगी, जो रक्षा और सीमा सुरक्षा से लेकर आपातकालीन सेवाओं और आपदा राहत तक के मिशनों में सहायता करेंगी। इस साझेदारी के तहत इन प्रणालियों का उपयोग करने वाले देशों के पास उपग्रहों, ग्राउंड सेगमेंट और टर्मिनलों का स्वामित्व और नियंत्रण होगा।
यूरोपीय तकनीक से बनेंगी सैटेलाइट प्रणालियां
कंपनियों ने कहा कि ये प्रणालियां यूरोपीय प्रौद्योगिकी का उपयोग करके बनाई जाएंगी। इनका उद्देश्य सरकारों को सुरक्षित और लचीला संचार अवसंरचना प्रदान करना है। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब रक्षा बलों, आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं और नागरिक अधिकारियों को स्थलीय नेटवर्क के बाधित या समझौता होने पर महत्वपूर्ण सूचना और कमांड सिस्टम तक पहुंच खोनी पड़ सकती है। संयुक्त रूप से विकसित उपग्रह संचार प्रणालियां प्राथमिकता वाले मिशन क्षेत्रों में लक्षित, उच्च-थ्रूपुट और कम-विलंबता कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
ICEYE और Nokia की साझेदारी
कंपनियों ने कहा कि ये प्रणालियां सैन्य और वाणिज्यिक नेटवर्क को प्रतिस्थापित करने के बजाय उनका पूरक होंगी, जिससे पहुंच, लचीलापन और क्षमता में वृद्धि होगी। इस साझेदारी से संप्रभु उपग्रह मिशनों को अंजाम देने में ICEYE के अनुभव और सुरक्षित नेटवर्किंग प्रौद्योगिकियों में Nokia की विशेषज्ञता और उसके बढ़ते रक्षा पोर्टफोलियो का संगम होगा। साझेदारी के तहत कंपनियां उपग्रहों, जमीनी बुनियादी ढांचे और मजबूत अंतिम-उपयोगकर्ता टर्मिनलों को एकीकृत करेंगी। इससे ICEYE को अंतरिक्ष से संप्रभु खुफिया जानकारी प्रदान करने वाले अपने व्यापार मॉडल को उपग्रह संचार तक विस्तारित करने में मदद मिलेगी।
ICEYE-Nokia साझेदारी से संप्रभु उपग्रह संचार को बढ़ावा देने की तैयारी
ICEYE के CEO और सह-संस्थापक राफ़ाल मोद्रज़ेव्स्की ने कहा कि देशों को विदेशी वाणिज्यिक ऑपरेटरों की सेवा शर्तों पर निर्भर हुए बिना अपने संचार पर पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण होना चाहिए। मोद्रज़ेव्स्की ने कहा, नोकिया के साथ मिलकर हम अपनी सिद्ध अंतरिक्ष खुफिया विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए संप्रभु, उच्च-प्रदर्शन उपग्रह संचार प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ICEYE ने एक वर्ष से भी कम समय में पोलैंड को अपना रडार उपग्रह प्रणाली प्रदान किया था और कहा कि नोकिया के साथ साझेदारी से कंपनियां उपग्रह संचार के क्षेत्र में भी इसी गति से आगे बढ़ सकेंगी।
मौजूदा नेटवर्क को मिलेगी मजबूती
नोकिया के अध्यक्ष और CEO जस्टिन हॉटार्ड ने कहा कि संप्रभु अभियानों के लिए भूमि, समुद्र, वायु और अंतरिक्ष में सुरक्षित और मजबूत कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी। संप्रभु संचालन वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त करने, निर्णय लेने और कार्रवाई करने की क्षमता पर निर्भर करता है। भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता इसे संभव बनाती है, लेकिन केवल भूमि, समुद्र, वायु और अंतरिक्ष में सुरक्षित, लचीली कनेक्टिविटी के साथ ही। नोकिया के विश्वसनीय नेटवर्क को ICEYE की सिद्ध संप्रभु अंतरिक्ष क्षमताओं के साथ मिलाकर हम एक उपग्रह संचार क्षमता प्रदान करेंगे- जो मौजूदा स्थलीय नेटवर्क की पूरक होगी और राष्ट्रों को वह स्थितिजन्य जागरूकता, कनेक्टिविटी और नियंत्रण प्रदान करेगी जिसकी उन्हें सभी क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण वातावरण में आत्मविश्वास के साथ संचालन करने के लिए आवश्यकता है।
2 अक्टूबर को हेलसिंकी मंच पर चर्चा
कंपनियों ने कहा कि सिस्टम को चुनौतीपूर्ण और विवादित वातावरण में संचालन का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, साथ ही सरकारों को कनेक्टिविटी और नियंत्रण प्रदान किया जाएगा। यह साझेदारी उपग्रह और स्थलीय संचार क्षमताओं को भी एक साथ लाती है। उपग्रह प्रणालियों का उद्देश्य मौजूदा नेटवर्क की पूरक होना और उन क्षेत्रों में अतिरिक्त कनेक्टिविटी प्रदान करना है जहां स्थलीय बुनियादी ढांचा अनुपलब्ध या बाधित हो सकता है। मोद्रज़ेव्स्की और हॉटार्ड 2 अक्टूबर को हेलसिंकी सुरक्षा मंच में “यूरोप की तकनीकी संप्रभुता को कैसे बचाया जाए शीर्षक वाले सत्र के दौरान बोलने वाले हैं।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढे़ं- एशियाई खेलों में भारत के 63 पदक, तीरंदाजी में गणेश ने जीता कांस्य