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व्यायाम कैसे करता है मांसपेशियों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उलट, अध्ययन में खुलासा

शोधकर्ताओं ने पाया कि व्यायाम DEAF1 जीन के स्तर को नियंत्रित कर वृद्ध मांसपेशियों की मरम्मत, मजबूती और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।

व्यायाम कैसे करता है मांसपेशियों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उलट अध्ययन में खुलासा

Study Reveals Why Exercise Reverses Muscle Ageing Process |

वॉशिंगटन डीसी,(अमेरिका)। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे आणविक तंत्र की पहचान की है, जो यह समझाने में मदद करता है कि नियमित व्यायाम बढ़ती उम्र में मांसपेशियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में क्यों प्रभावी होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, DEAF1 नामक जीन के स्तर को नियंत्रित करके शारीरिक गतिविधि उम्रदराज मांसपेशियों की मरम्मत क्षमता को दोबारा सक्रिय कर सकती है।

प्राकृतिक मरम्मत प्रणाली हैः व्ययाम

ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल के एक नए अध्ययन में पाया गया कि व्यायाम उम्र के साथ कमजोर पड़ने वाली प्राकृतिक मरम्मत प्रणालियों को फिर से संतुलित करने में मदद करता है। इस प्रक्रिया से मांसपेशियां क्षतिग्रस्त प्रोटीन को हटाने, खुद को सुधारने और अपनी ताकत बनाए रखने में सक्षम होती हैं।

 सिंगापुर जनरल अस्पताल और कार्डिफ विश्वविद्यालय ने किया शोध

यह शोध सिंगापुर जनरल अस्पताल और कार्डिफ विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। इसके निष्कर्ष ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS)’ में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन से मांसपेशियों की उम्र बढ़ने के पीछे मौजूद जैविक प्रक्रियाओं को समझने में नई जानकारी मिली है, जो भविष्य में उम्र से जुड़ी मांसपेशियों की कमजोरी को रोकने के नए उपाय विकसित करने में मदद कर सकती है।

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां क्यों कमजोर होती हैं?

मांसपेशियां केवल शरीर की गति के लिए ही जरूरी नहीं होतीं, बल्कि वे चयापचय, रक्त शर्करा नियंत्रण और संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, जिससे गिरने, फ्रैक्चर और चोट से उबरने में अधिक समय लगने का खतरा बढ़ जाता है।

mTORC1 प्रोटीन निर्माण और मांसपेशियों के रखरखाव के लिए जरूरी

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रक्रिया में mTORC1 नामक वृद्धि मार्ग की अहम भूमिका होती है। यह मार्ग प्रोटीन निर्माण और मांसपेशियों के रखरखाव को नियंत्रित करता है। उम्र बढ़ने के साथ यह मार्ग जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो सकता है, जिससे मांसपेशियां नए प्रोटीन बनाने पर अधिक ध्यान देने लगती हैं और खराब प्रोटीन को हटाने की क्षमता कम हो जाती है। समय के साथ क्षतिग्रस्त प्रोटीन मांसपेशियों की कोशिकाओं में जमा होने लगते हैं, जिससे कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है और ताकत कम होने लगती है।

DEAF1 जीन की अहम भूमिका

शोधकर्ताओं ने DEAF1 जीन को मांसपेशियों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में पहचाना है। अध्ययन के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों में DEAF1 का स्तर बढ़ जाता है, जिससे mTORC1 गतिविधि भी बढ़ने लगती है और प्रोटीन निर्माण व सफाई के बीच संतुलन बिगड़ जाता है। सामान्य स्थिति में FOXO नामक प्रोटीन DEAF1 को नियंत्रित करते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ FOXO की गतिविधि कम हो जाती है। इसके कारण DEAF1 का स्तर बढ़ता जाता है और मांसपेशियों की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है।

व्यायाम कैसे करता है मांसपेशियों की मरम्मत?

शोधकर्ताओं ने पाया कि व्यायाम इस असंतुलन को दूर करने में मदद कर सकता है। शारीरिक गतिविधि ऐसे प्रोटीन को सक्रिय करती है, जो DEAF1 के स्तर को कम करते हैं। इससे mTORC1 मार्ग दोबारा संतुलित होता है और मांसपेशियां खराब प्रोटीन को हटाकर खुद को बेहतर तरीके से पुनर्निर्मित कर पाती हैं।

अधिक उम्रदराज मांसपेशियों में DEAF1 का स्तर अत्यधिक

अध्ययन के प्रमुख लेखक ड्यूक-एनयूएस के सहायक प्रोफेसर तांग हांग-वेन ने बताया कि व्यायाम उम्रदराज मांसपेशियों में मरम्मत और रखरखाव की क्षमता को फिर से सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे वे अधिक मजबूत और लचीली बन सकती हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी पाया, कि कुछ बहुत अधिक उम्रदराज मांसपेशियों में DEAF1 का स्तर अत्यधिक बढ़ सकता है या FOXO गतिविधि बहुत कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल व्यायाम पर्याप्त नहीं हो सकता और अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।

मक्खियों और चूहों पर किए गए परीक्षण

अपने निष्कर्षों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिकों ने फल मक्खियों और वृद्ध चूहों पर प्रयोग किए। दोनों प्रजातियों में समान परिणाम देखने को मिले। DEAF1 का स्तर बढ़ाने से मांसपेशियां तेजी से कमजोर हुईं, जबकि इसे कम करने से प्रोटीन संतुलन बेहतर हुआ और मांसपेशियों की ताकत में सुधार देखा गया।

भविष्य में उपचार की संभावनाएं

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस खोज का उपयोग सामान्य उम्र बढ़ने के अलावा सर्जरी, गंभीर बीमारी या कैंसर जैसी स्थितियों से उबर रहे लोगों के लिए भी किया जा सकता है। यदि DEAF1 को नियंत्रित करने वाली तकनीक विकसित होती है, तो यह उन लोगों में भी मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकती है, जो नियमित व्यायाम करने में सक्षम नहीं हैं। (एएनआई)

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