अहमदाबाद। गत चैंपियन भारत आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में सिर्फ खिताब बचाने के लिए नहीं बल्कि एक नया कीर्तिमान बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
अहमदाबाद। गत चैंपियन भारत आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में सिर्फ खिताब बचाने के लिए नहीं बल्कि एक नया कीर्तिमान बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप 2026 का खिताबी मुकाबला रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम यदि खिताब बचाने में सफल रहती है तो लगातार दो बार और कुल मिलाकर तीन बार टी20 ट्रॉफी अपने नाम करने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम का रिकॉर्ड भारत के लिए खास नहीं
भारतीय टीम के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अब तक खेले गये मैचों पर नजर डालें तो यह मैदान उसके लिए बहुत शुभ नहीं रहा है। भारत को इस मैदान पर पिछले दो आईसीसी टूर्नामेंट में हार झेलनी पड़ी है। हालांकि वो दोनों मुकाबले काली मिट्टी से तैयार की गई पिच पर खेले गए थे। लेकिन भारत के लिहाज से आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के लिए खास मिट्टी से पिच तैयार की गई है।
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद फिर आमने-सामने
भारत और न्यूजीलैंड की टीमें इससे पहले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भी आमने-सामने आ चुकी हैं, इसलिए यह मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है। दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा। इस मुकाबले में भारत की कोशिश अपने टी20 वर्ल्ड कप खिताब को बरकरार रखने की होगी, जबकि न्यूजीलैंड की टीम पहली बार यह ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
दोनों टीमों का फाइनल तक का सफर
भारतीय टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल का सफर तय किया है जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल का टिकट कटाया है। इस मुकाबले में उतरते ही भारतीय टीम इतिहास रच देगी और सबसे अधिक फाइनल खेलने के मामले में ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ देगी।
पहली बार खिताब जीतना चाहेगी न्यूजीलैंड
न्यूज़ीलैंड की टीम पहले भी 2019 के वनडे वर्ल्ड कप और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी, लेकिन दोनों बार उसे हार मिली और वह रनर-अप रही। अब रविवार को टीम की कोशिश अपना पहला वर्ल्ड कप जीतने की होगी।
भारत बनाम न्यूजीलैंड: हेड टू हेड रिकॉर्ड
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक हुए मुकाबलों की बात करे तो 16 जीत के साथ भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा है। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड ने 11 बार भारत पर जीत हासिल की है। तीन मैच टाई रहे हैं। लेकिन यहां दिलचस्प बात यह है कि T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम कभी भी न्यूजीलैंड को हरा नहीं पायी है। दोनों टीमों के बीच टी20 के अब तक हुए तीनों मुकाबलों में भारत को हार का सामना करना पड़ा है।
अहमदाबाद में दोनों टीमों का प्रदर्शन
न्यूजीलैंड की टीम ने मिचेल सैंटनर की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अब तक एक मैच खेला है, जिसमें उसे 14 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 7 विकेट से हार मिली थी। वहीं भारतीय टीम ने इसी मैदान पर 18 फरवरी को ग्रुप-A के मुकाबले में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया था। हालांकि बाद में 22 फरवरी को सुपर-8 स्टेज में खेले गए मैच में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से हार का सामना करना पड़ा था।
संघर्ष के बाद फाइनल तक पहुंचीं दोनों टीमें
इस टी20 टूर्नामेंट में भारत और न्यूजीलैंड के प्रदर्शन पर नजर डालें तो दोनों ही टीमों को शुरुआती दौर में जूझना पड़ा है और किन्तु-परन्तु के बीच संघर्ष करके फाइनल में पहुंची हैं। भारत ने ग्रुप स्टेज के अपने सभी मैच जीते और सुपर-8 में पहुंची। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम ने लगातार दो मैच जीते और सेमीफाइनल में जगह बनाई। फिर इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंची है। वहीं, न्यूजीलैंड को ग्रुप स्टेज में दक्षिण अफ्रीका से हार मिली। सुपर-8 में भी इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि बेहतर नेट रन रेट के दम पर न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंच गई। फिर उसने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर रिकॉर्ड बनाया और फाइनल में पहुंची। अब दोनों टीमें खिताब के लिए जोर लगाएंगी।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम का बढ़ा आत्मविश्वास
इंग्लैंड को सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में हराने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुआई में टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है। वहीं, न्यूजीलैंड ने भी सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को एकतरफा अंदाज में हराया था और नौ विकेट से जीत हासिल की थी। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है।
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में नया मौका
टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने दो-दो बार खिताब जीता है, लेकिन इनमें से कोई टीम लगातार दो खिताब नहीं जीत सकी है। भारत ने भी 2007 और 2024 में ट्रॉफी अपने नाम की है। वहीं, इंग्लैंड ने 2010 और 2022 में ट्रॉफी जीती। वेस्टइंडीज ने 2012 और 2016 में खिताब जीता था। भारत अगर विश्वकप जीता तो तीन टी20 विश्वकप खिताब जीतने वाली पहली टीम बनेगी। यही वजह है कि इस बार भारत के सामने एक बड़ा ऐतिहासिक मौका है। इसके अलावा पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका एक-एक बार चैंपियन बन चुके हैं।
भारत के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका
भारतीय टीम यदि खिताब अपने नाम करती है, जिसकी पूरी संभावना है, तो तीन बार टी20 विश्व कप चैंपियन बनने वाली पहली टीम बन जाएगी। टी20 विश्वकप के इतिहास में अब तक कोई भी टीम लगातार दो बार खिताब नहीं जीत पाई है या यूं कहें कि अपने टाइटल को डिफेंड नहीं कर पाई है। भारतीय टीम ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप खिताब जीता था। ऐसे में भारत के पास इस बार इतिहास रचने का सुनहरा मौका है।
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