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मीराबाई-लवलीना को बड़ी जिम्मेदारी

मीराबाई और लवलीना करेंगी राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की अगुवाई

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के उद्घाटन समारोह में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन मशाल वाहक के रूप में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।

मीराबाई और लवलीना करेंगी राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की अगुवाई

Mirabai Chanu and Lovlina Borgohain to Lead India at Commonwealth Games 2026 |

नई दिल्ली,(भारत)। ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के ओपनिंग सेरेमनी में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन भारतीय दल की अगुवाई करेंगी। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने वेटलिफ्टिंग स्टार मीराबाई को देश का ध्वजवाहक और बॉक्सर लवलीना को बैटन-बेअरर (बैटन ले जाने वाली) चुना है।

पीटी उषा ने चानू और लवलीना को दी शुभकामनाएं

Olympics.com के अनुसार, ये दोनों 23 जुलाई को OVO हाइड्रो में ओपनिंग सेरेमनी के दौरान यह खास सम्मान निभाएंगी, जिससे गेम्स में भारत के अभियान की शुरुआत होगी। शनिवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए, IOA की अध्यक्ष पीटी उषा ने इन अनुभवी ओलंपियनों पर भरोसा जताया और कहा, "यह गर्व की बात है कि मीराबाई और लवलीना OVO हाइड्रो में यह सम्मान निभाएंगी। मैं दोनों खिलाड़ियों और पूरे दल को शुभकामनाएं देती हूं।"

सभी 74 देशों को मिलेगा खास तरह से डिज़ाइन किया गया बैटन

टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वालीं मीराबाई एथलीटों की परेड के दौरान तिरंगा लेकर चलेंगी, जबकि टोक्यो गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वालीं लवलीना खास 'किंग्स बैटन' लेकर चलेंगी। ग्लासगो एडिशन के लिए, कॉमनवेल्थ के सभी 74 देशों और क्षेत्रों को एक खास तरह से डिज़ाइन किया गया बैटन दिया गया है, जो उनकी अनोखी संस्कृति और पहचान को दिखाता है। गेम्स के आधिकारिक तौर पर शुरू होने से पहले, ओपनिंग सेरेमनी के दौरान इन सभी बैटन को एक साथ लाया जाएगा।

सेरेमनी बर्मिंघम में हुए 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से अलग

यह सेरेमनी बर्मिंघम में हुए 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स से अलग होगी, जहां हर हिस्सा लेने वाले देश के दो ध्वजवाहक थे - एक पुरुष और एक महिला। बर्मिंघम में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने भारतीय दल की अगुवाई की थी। दिलचस्प बात यह है कि चार साल पहले भी मीराबाई और लवलीना उन खिलाड़ियों में शामिल थीं जिन पर इस सम्मान के लिए विचार किया गया था, लेकिन आखिर में सिंधु और मनप्रीत को चुना गया था।

दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन रह चुकी हैंः मीराबाई

मीराबाई भारत की ओर से मेडल की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक के तौर पर ग्लासगो जा रही हैं। 31 साल की यह वेटलिफ्टर दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन रह चुकी हैं; उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में गोल्ड मेडल जीते थे। ग्लासगो में वह महिलाओं के 48 किग्रा कैटेगरी में हिस्सा लेंगी। वहीं, लवलीना गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में पोडियम तक पहुँचने से चूकने के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला मेडल जीतने की कोशिश करेंगी।

वर्ल्ड और एशियन चैंपियन रह चुकी हैंः लवलीना

28 साल की लवलीना, जो पहले वर्ल्ड और एशियन चैंपियन रह चुकी हैं, महिलाओं के 75kg बॉक्सिंग इवेंट में हिस्सा लेंगी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपनी शानदार विरासत को और आगे बढ़ाने के मकसद से भारत आठ सामान्य खेलों और पांच पैरा-स्पोर्ट्स में 120 से ज़्यादा एथलीटों की टीम उतारेगा। (एएनआई)

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