पंकज आडवाणी ने बर्मिंघम में WBL वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के फाइनल में रॉबर्ट हॉल को 1906-1206 से हराकर 29वां विश्व खिताब जीता। उन्होंने 587 का टूर्नामेंट का सबसे बड़ा ब्रेक लगाया।
बर्मिंघम UK। भारत के दिग्गज क्यू स्पोर्ट्स खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने WBL वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीतकर अपने करियर में 29वां विश्व खिताब जोड़ लिया है। उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के रॉबर्ट हॉल को 1906-1206 से हराया। पांच घंटे तक चले इस मुकाबले में 41 वर्षीय आडवाणी ने अपने अनुभव और शानदार स्कोरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने 587 का बड़ा ब्रेक लगाकर मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया।
पांच घंटे के मुकाबले में आडवाणी का दमदार प्रदर्शन
आडवाणी इस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी थे। फाइनल में उनका सामना इंग्लैंड के रॉबर्ट हॉल से हुआ, जो इससे पहले पांच बार वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच चुके थे, लेकिन खिताब नहीं जीत पाए थे। दूसरी ओर, आडवाणी अपने विश्व खिताबों की संख्या बढ़ाने के इरादे से उतरे थे। मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
शुरुआत में रॉबर्ट हॉल ने बनाई बढ़त
फाइनल की शुरुआत आडवाणी ने 91 के ब्रेक के साथ की, लेकिन हॉल ने 203 का शानदार स्कोर बनाकर जवाब दिया और बढ़त हासिल कर ली। मैच के करीब दो घंटे बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच स्कोर का अंतर काफी कम था। इसी दौरान आडवाणी ने 100 से अधिक का एक और ब्रेक लगाकर बढ़त बनाई। हालांकि, हॉल ने इसके बाद अपने खेल का स्तर बढ़ाते हुए 331 का बड़ा ब्रेक हासिल किया और आडवाणी से 300 से अधिक अंक आगे निकल गए।
697-1014 के स्कोर पर दबाव में आए आडवाणी
मुकाबले में एक समय ऐसा आया, जब हॉल लगातार अपनी बढ़त बढ़ा रहे थे और आडवाणी पर दबाव बढ़ गया था। जब स्कोर 697-1014 था और खेल समाप्त होने में 115 मिनट बाकी थे, तब हॉल अपने पहले विश्व खिताब के करीब नजर आ रहे थे। लेकिन आडवाणी ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने 210 का ब्रेक लगाकर अंकों के अंतर को घटाकर करीब 100 तक ला दिया।
हॉल की चूक से आडवाणी को मिला वापसी का मौका
मैच के निर्णायक दौर में रॉबर्ट हॉल एक आसान शॉट चूक गए, जिससे आडवाणी को दोबारा खेलने का मौका मिला। भारतीय खिलाड़ी ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और 587 का शानदार ब्रेक लगाया। यह इस साल की वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का सबसे बड़ा ब्रेक था। इस प्रदर्शन ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और हॉल की बढ़त खत्म होने लगी।
1906-1206 से जीतकर रचा नया अध्याय
587 के ब्रेक के बाद आडवाणी ने अपनी बढ़त मजबूत की और अंततः फाइनल 1906-1206 से जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का 29वां विश्व खिताब हासिल किया। बर्मिंघम में मिली इस सफलता ने क्यू स्पोर्ट्स में उनके शानदार रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी।
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