भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता भारोत्तोलक, इम्फाल के रहने वाले चानंबम ऋषिकांत सिंह और बिंद्यारानी देवी सोरोखैबम का सोमवार को इम्फाल हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इम्फाल (मणिपुर) [भारत]: भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता भारोत्तोलक, इम्फाल के रहने वाले चानंबम ऋषिकांत सिंह और बिंद्यारानी देवी सोरोखैबम का सोमवार को इम्फाल हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दोनों एथलीटों ने आगामी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन
ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता, जबकि बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। इम्फाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए ऋषिकांत ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने के बावजूद अपनी खेल यात्रा में सहयोग देने के लिए अपने माता-पिता, बड़े भाई, परिवार, दोस्तों, कोचों, सहायक कर्मचारियों, राष्ट्रीय खेल अकादमी, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था, लेकिन घुटने में दर्द के कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपने प्रदर्शन पर खुशी जताई और कहा कि अब उनका ध्यान ओलंपिक और एशियाई खेलों की तैयारी पर है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो मैं अपने माता-पिता को धन्यवाद देता हूं। उसके बाद अपने बड़े भाई, परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों को। साथ ही राष्ट्रीय खेल अकादमी, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ को भी। मैं इन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि मैं एक बहुत गरीब परिवार से आता हूं।”
स्वर्ण पदक की थी उम्मीद
ऋषिकांत ने कहा कि उन्होंने प्रतियोगिता के लिए कड़ी तैयारी की थी और स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद थी, लेकिन घुटने में दर्द के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, “मुझे स्वर्ण पदक की उम्मीद थी। मैंने प्रशिक्षण के लिए बहुत तैयारी की थी और स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहा था। लेकिन दुर्भाग्य से मेरे घुटने में दर्द हो गया। फिर भी मुझे रजत पदक मिला और मैं बहुत खुश हूं।” उन्होंने आगे कहा कि अब उनका लक्ष्य आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करना है।
भाजपा विधायक ने दी बधाई
भाजपा विधायक सपाम रंजन सिंह ने ऋषिकांत और उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने उनकी उपलब्धि को देश और मणिपुर के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे देश के लिए बहुत गर्व का क्षण है। वह (चानंबम ऋषिकांत सिंह) मेरे निर्वाचन क्षेत्र से हैं। उन्हें, उनके परिवार को और उन सभी लोगों को हार्दिक बधाई जिन्होंने पदक जीतने में उनका समर्थन किया। उन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है।” उन्होंने मणिपुर की मजबूत खेल परंपरा का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है।
बिंद्यारानी ने कांस्य पदक पर जताई खुशी
वहीं, बिंद्यारानी देवी ने अपने दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह आगामी प्रतियोगिताओं को लेकर उत्साहित हैं और उनमें बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी हो रही है। यह राष्ट्रमंडल खेलों में मेरी दूसरी भागीदारी है और मैंने कांस्य पदक जीता है। मैं सचमुच बहुत खुश हूं। कई आगामी प्रतियोगिताएं हैं और मुझे उम्मीद है कि मैं उनमें अच्छा प्रदर्शन करूंगी।”
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन
गौरतलब है कि 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स संक्षिप्त प्रारूप में आयोजित किए गए थे। इसके चलते शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे प्रमुख पदक विजेता खेलों को प्रतियोगिता से बाहर रखा गया था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
(एएनआई)
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