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'तिरंगा रैली' के बाद हिरासत में 150 प्रदर्शनकारी

दिल्ली में 'तिरंगा रैली' के बाद पुलिस का एक्शन, हिरासत में लिए गए 150 प्रदर्शनकारी

दिल्ली में तिरंगा रैली और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर कई FIR दर्ज की हैं। कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

दिल्ली में तिरंगा रैली के बाद पुलिस का एक्शन हिरासत में लिए गए 150 प्रदर्शनकारी

'तिरंगा रैली' के बाद हिरासत में 150 प्रदर्शनकारी |

नई दिल्ली: अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों से बार-बार इकट्ठा न होने की अपील करने के बावजूद, कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन के लिए FIR दर्ज की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बार-बार नियम तोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तब हुई जब शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर 'तिरंगा रैली' निकाली। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी तिरंगा रैली निकालने के लिए वहां इकट्ठा हुए थे। उनका यह विरोध प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ था।

पुलिस ने जारी किए नोटिस

'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की थी, जिसे 'लहरा दो तिरंगा' रैली का नाम दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मध्य दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में दिपके भी शामिल थे, जिन्हें प्रस्तावित रैली से पहले NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से निकलते समय पकड़ा गया। पुलिस अधिकारी ने दिपके को बताया कि उन्हें 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में लिया जा रहा है, क्योंकि कनॉट प्लेस में निषेधाज्ञा लागू है। अधिकारियों ने दिपके को दो अलग-अलग नोटिस भी जारी किए। पहला नोटिस नई दिल्ली जिले की ओर से BNSS की धारा 163 के तहत जारी किया गया था, जिसमें उन्हें सेंट्रल पार्क जाने से रोक दिया गया था, क्योंकि वहां लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी थी। दूसरा मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले द्वारा जारी किया गया 'बॉन्ड उल्लंघन नोटिस' था, जो दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़ी पिछली एहतियाती कार्रवाई के संबंध में था।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

एक अन्य घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस ने 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जो मंडी हाउस के पास CEC कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार शाम को हिरासत में ली गईं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद बोरा ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के साथ खूंखार अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों को रात भर रोके रखने की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है जैसे वे कोई खूंखार अपराधी हों। यह एक ऐसी प्रथा है जो इस देश में लंबे समय से चली आ रही है। 

नेहा बोरा ने SIR रोकने की मांग की

नेहा बोरा ने मध्य दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों की भी आलोचना की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने और चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा, यह कैसी अफरा-तफरी और अराजकता है? वही, जो आपने मध्य दिल्ली में फैला रखी है? दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे हैं, वे काम पर जाने के लिए जिस भी रास्ते से जाते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अफरा-तफरी और अराजकता फैला रहे हैं। बोरा ने आगे कहा, कृपया भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और SIR को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें, राहत महसूस कर सकें और उनके मतदान के अधिकार सुरक्षित रह सकें। नेहा बोरा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें वकील से सलाह नहीं लेने दी और उनकी कानूनी टीम को उन तक पहुंचने के लिए पांच से छह घंटे का समय लग गया।

SEM अदालत में होगी पेशी

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के बाद एहतियाती प्रावधानों के तहत शुक्रवार शाम को बोरा और दीपके को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद एक नए एहतियाती मामले में दीपके के खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उन्हें 'विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट' (SEM) अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जो आगे की कार्रवाई तय करेगी। दिपके के खिलाफ दर्ज ताजा मामला पहले के एक एहतियाती मामले से अलग है। उस मामले में 10 अक्टूबर को फ्लाइट से यात्रा करते समय उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए एक बॉन्ड (मुचलका) भरना पड़ा था।

ध्रुव राठी ने लंदन में अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन का किया आह्वान

इस बीच CJP की रत्ना सिंह ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद से डिपके का पता नहीं चल पाया है। उनके वकील भी उनसे नहीं मिल पाए हैं। रत्ना सिंह ने लिखा, अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। अभी तक उनका पता नहीं चला है। वकील भी उनसे नहीं मिल पाए हैं। वहीं दूसरी ओर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने घोषणा की कि वे लंदन पहुंच गए हैं। उन्होंने भारत में कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। ध्रुव राठी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं अभी लंदन पहुंचा हूं। अब समय आ गया है कि दुनिया 'वोट चोर' और 'लोकतंत्र के हत्यारे' की असलियत देखे। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का समय आ गया है। उन्होंने लंदन में मौजूद लोगों से कल दोपहर 12 बजे होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की।

(इनपुट: ANI)

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