वन विभाग ने फसलों की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से बिजली का फंदा लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरगुजा (छत्तीसगढ़)। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सरगुजा जिले के उदयपुर वन क्षेत्र में बिजली के करंट के संपर्क में आने से लगभग 3-4 वर्ष की एक मादा हाथी के बच्चे की मौत हो गई।
लगभग 3 से 4 वर्ष की थी हथिनी
सरगुजा संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) लोकनाथ पटेल ने बताया कि वन विभाग को घटना की सूचना सुबह तड़के मिली और मौके पर पहुंचने पर हाथी मृत पाया गया। पटेल ने कहा, "हमें आज सुबह उदयपुर रेंज में एक घटना की सूचना मिली। लगभग 3 से 4 वर्ष की एक मादा हाथी की बिजली के करंट के संपर्क में आने से मौत हो गई।" उन्होंने बताया कि शव की जांच के लिए एक पशु चिकित्सक को बुलाया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सटीक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए बड़े में करंट
हालांकि, प्रथम दृष्टया यह घटना बिजली के झटके से हुई मौत का मामला प्रतीत होता है। डीएफओ के अनुसार, बिजली की बाड़ बैटरी से चलने वाले एक जाल का हिस्सा थी जिसे कथित तौर पर फसलों की सुरक्षा के लिए लगाया गया था। हाथी कथित तौर पर तार में फंस गया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई। पटेल ने बताया कि वन विभाग ने बिजली का फंदा लगाने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार देर रात हुआ हादसा
उन्होंने कहा, "लोग अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए ये फंदे लगाते हैं, लेकिन जानवर तार में फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई।" वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि वन दल इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं। 27 और 12 कर्मियों की दो टीमें तैनात की गई थीं, जिनमें से छोटी टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी टीम तलाशी और गश्त जारी रखे हुए है। उन्होंने बताया कि यह घटना देर रात हुई, जब इलाके में हाथियों का शोर हो रहा था, और शायद कर्मचारी तुरंत घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्यवाई
पटेल ने बताया कि उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई का जायजा लेने के लिए खुद घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि पशु चिकित्सा जांच और आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद और जानकारी सामने आएगी। वन विभाग के अधिकारी ने कहा, "जो भी दोषी पाया जाए, न्याय सभी के लिए समान रूप से लागू होता है; हम उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।" वन विभाग इस मामले में आवश्यक कानूनी और पोस्टमार्टम औपचारिकताओं को पूरा कर रहा है।
(इनपुट: ANI)
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