मैहर वनमंडल में वन्यजीवों के शिकार और अवयवों के अवैध व्यापार के मामले में वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तेंदुए के अवयव होने की आशंका के बीच जांच जारी है।
मैहर (मध्य प्रदेश)। मैहर वनमंडल के परिक्षेत्र मैहर अंतर्गत बीट सढेरा के ग्राम भदनपुर दक्षिण पट्टी में करंट लगाकर वन्यजीवों के शिकार और उनके अवयवों के अवैध व्यापार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत चार आरोपियों पर कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों में शरबाई केवट, शिव प्रसाद केवट, फलकुमार केवट (तीनों निवासी भदनपुर दक्षिण पट्टी) तथा सुरेंद्र सिंह उर्फ भैया (निवासी सोनवारी) शामिल हैं। सभी आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 और 29 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
मौके से मिले वन्यजीव अवयव, तेंदुए के होने की आशंका
वन विभाग के अनुसार, मौके से बरामद वन्यजीव अवयव प्रथम दृष्टया तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं। जब्त हड्डियां भी तेंदुए अथवा बाघ की होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। कार्रवाई के दौरान नाखून, दांत, हड्डियां तथा शिकार में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की गई है।
तीन आरोपी फरार, सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम
मामले में जलमेश केवट (भदनपुर दक्षिण पट्टी), विनोद सिंह पटेल (सोनवारी) और अनिल सिंह पटेल (हरदासपुर) अभी फरार हैं। वन विभाग ने इनकी गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले अथवा विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए ₹2,000 के नगद इनाम की घोषणा की है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। संबंधित जानकारी मोबाइल नंबर 8827050009 पर दी जा सकती है।
वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
वन विभाग का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। वैज्ञानिक परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आरोपियों के विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीव अपराध के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
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