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शिवपुरी में सफाईकर्मियों की हड़ताल

शिवपुरी में 400 से ज्यादा नगर पालिका कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे

शिवपुरी नगर पालिका के 400 से अधिक सफाईकर्मी, पार्क कर्मचारी और वाहन चालक वेतन में देरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

शिवपुरी में 400 से ज्यादा नगर पालिका कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे

शिवपुरी में सफाईकर्मियों की हड़ताल |

शिवपुरी: नगर पालिका शिवपुरी के 400 से अधिक सफाईकर्मी, पार्क कर्मचारी और वाहन चालक बुधवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। न तो कई इलाकों में झाड़ू लगी और न ही कचरा कलेक्शन वाहन गली-मोहल्लों में पहुंचे।

नगर पालिका परिसर में दिया धरना

कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर नगर पालिका परिसर में धरना दिया। हड़ताल के समर्थन में पार्षद विजय शर्मा भी धरना स्थल पर बैठे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा कई बार वेतन हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच दिए जाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई सीएमओ आए और चले गए, लेकिन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

तीन दौर की हुई बातचीत

हड़ताल समाप्त कराने के लिए नपाध्यक्ष, सीएमओ, पार्षदों और सफाईकर्मियों के नेताओं के बीच तीन दौर की बातचीत हुई। पहले दो दौर नपाध्यक्ष के कक्ष में करीब पांच घंटे तक चले। इस दौरान कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सहमति बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद तीसरे दौर की बातचीत धरना स्थल पर टेंट के नीचे करीब एक घंटे तक चली। इसमें भी सहमति नहीं बन पाई। देर शाम तक कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया।

नगर पालिका की व्यवस्था को लेकर लगाए कई गंभीर आरोप

सफाईकर्मियों ने नगर पालिका की व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि वर्ष 2009 से कुछ कर्मचारियों के वेतन से अंशदायी पेंशन (एनपीएस) की राशि काटी जा रही है, लेकिन उसे शासन के खाते में जमा नहीं कराया गया। कर्मचारियों ने सुनील खरे की राशि को लेकर करीब 20 लाख रुपये के कथित घालमेल का आरोप लगाया।

कर्मचारियों ने लाखों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का लगाया आरोप

इसके अलावा कर्मचारियों का कहना है कि वेतन से ईपीएफ की राशि काटे जाने के बावजूद संबंधित खातों में राशि जमा नहीं हो रही है। दो-तीन कर्मचारियों की करीब 57 लाख रुपये की राशि के हिसाब में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। कर्मचारी नेता मनोज घावरी के अनुसार, जब स्थापना शाखा के बाबू और अकाउंटेंट को इस संबंध में बुलाया गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कर्मचारियों ने इसे लेकर लाखों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। 

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