MP News : जबलपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 45 लाख रुपये की ठगी के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की ..
MP News : जबलपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 45 लाख रुपये की ठगी के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की जमानत निरस्त कर दी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी महिला अंकिता नागर की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
फर्जी डीएसपी बताकर किया था संपर्क
मामले के अनुसार, जबलपुर के न्यू जगदंबा कॉलोनी निवासी विजय कुमार को आरोपी ने खुद को राज्य साइबर सेल, जबलपुर जोन की फर्जी डीएसपी बताकर संपर्क किया था। इसके बाद पीड़ित को तीन दिनों तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। इस दौरान आरोपी और उसके फरार पति अहमद रजा खान ने पीड़ित को धमकाकर उसके खाते से 45 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
ठगी की शिकायत, अंकिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार
ठगी की शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी अंकिता नागर को गिरफ्तार कर हाईकोर्ट में पेश किया गया था। पहले उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में राज्य शासन की ओर से जमानत निरस्तीकरण की अर्जी लगाई गई।
साबित हुआ ठगी में संलिप्तता
सरकार की ओर से पैरवी करते हुए बताया गया कि आरोपी के खाते से ही 45 लाख रुपये की राशि बरामद हुई है। इसके साथ ही बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक भी जब्त की गई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी की भूमिका सीधे तौर पर ठगी में संलिप्त है।
बीमारी का बहाना
बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी महिला बीमार है और उसे घर की देखभाल के लिए जमानत की आवश्यकता है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं है।
एकलपीठ ने जमानत निरस्त की
न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने सभी तथ्यों और सबूतों को देखते हुए आरोपी की जमानत निरस्त कर दी। इसके बाद आरोपी ने स्वयं अपनी जमानत वापस लेने का आवेदन दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। फिलहाल आरोपी जेल में है, जबकि उसका पति अहमद रजा खान अभी फरार बताया जा रहा है।
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