असम सरकार बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए 7 विधायकों की टीम हिमाचल प्रदेश भेजेगी। टीम वहां अपनाए गए उपायों का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
गोलाघाट (असम)। गोलाघाट जिले की खुमताई सीट से BJP विधायक मृणाल सैकिया ने कहा कि असम के कई गांवों में बंदरों की समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह खेती की पैदावार के लिए खतरा बन सकती है और राज्य में भोजन का संकट पैदा हो सकता है। सैकिया के मुताबिक, इस मुद्दे पर असम विधानसभा में कई बार चर्चा हो चुकी है।
स्थायी समाधान तलाशना चाहती है सरकार
मृणाल सैकिया ने कहा कि असम सरकार बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की कोशिश करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने इस मुद्दे के अध्ययन के लिए टीम भेजने को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब असम के कुछ हिस्सों में किसान बंदरों की बढ़ती आबादी से फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
हिमाचल प्रदेश के उपायों का अध्ययन करेगी टीम
सैकिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी ही समस्या देखी गई थी और वहां सरकार ने इसे नियंत्रित करने के उपाय किए थे। असम के सात विधायकों की एक टीम अधिकारियों के साथ हिमाचल प्रदेश का दौरा करेगी। टीम वहां बंदरों की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का अध्ययन करेगी।
दौरे के बाद तैयार होगी रिपोर्ट
BJP विधायक के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के दौरे के बाद टीम एक रिपोर्ट तैयार करेगी और अपने सुझाव देगी। इसका उद्देश्य असम में बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना है। उन्होंने कहा कि असम सरकार इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपायों का अध्ययन करना चाहती है।
यह भी पढ़ें: बलिया में साथी को स्टेशन छोड़कर लौट रहे सिपाही की पोखरे में डूबने से मौत, बाइक समेत मिला शव