MP News : भोपाल। साइबर अपराधियों ने साकेत नगर निवासी 74 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाकर ₹52 लाख की ठगी कर ली।
MP News : भोपाल। साइबर अपराधियों ने साकेत नगर निवासी 74 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाकर ₹52 लाख की ठगी कर ली। पंचवटी कॉम्प्लेक्स में रहने वाले राजेंद्र सिंह को ठगों ने चार दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोपी खुद को एटीएस (ATS) और क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताकर सिंह पर आतंकवाद को फंडिंग करने का झूठा आरोप लगाते रहे।
शनिवार को शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने संबंधित बैंक खातों और व्हाट्सऐप नंबरों के अज्ञात उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिंह ने पुलिस को बताया कि 28 नवंबर को उन्हें व्हाट्सऐप पर एक वीडियो कॉल आया, जिसमें स्क्रीन पर “ATS Department” लिखा हुआ था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को जहांगीराबाद थाना से जुड़ा बताया और आरोप लगाया कि सिंह के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर उनके नाम से एक बैंक खाता खोला गया है, जिसका उपयोग कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों को फंडिंग के लिए किया गया है।
ठगों ने यह भी कहा कि सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और सहयोग न करने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ दंपती की उम्र का हवाला देते हुए ठगों ने उन्हें घर पर ही “डिजिटल गिरफ्तारी” में रखने का आश्वासन दिया और उनके सभी बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, डाकघर की योजनाओं तथा अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी हासिल कर ली।
लगातार दबाव बनाए जाने पर सिंह ने अपनी एफडी और अन्य निवेश तोड़ दिए और ठगों द्वारा बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। ठगों ने दावा किया कि यह पैसा आरबीआई सत्यापन के लिए सरकारी खाते में जमा किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। 2 दिसंबर को सिंह ने ₹25 लाख आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए, जबकि 6 दिसंबर को उन्होंने ₹27 लाख और भेजे। रकम मिलने के बावजूद ठग अलग-अलग व्हाट्सऐप नंबरों से धमकी भरे फोन करते रहे। शिकायत के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
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