पुलिस को ठगी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान ऐसी अहम जानकारी मिली, जिसके आधार पर सिर्फ एक दिन के भीतर 3 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई।
जबलपुर। मध्यप्रदेश पुलिस को सायबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क के बारे में पता चला है। पुलिस को ठगी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान ऐसी अहम जानकारी मिली, जिसके आधार पर सिर्फ एक दिन के भीतर 3 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई। यह कार्रवाई 76 लाख रुपये की सायबर ठगी की शिकायत के बाद की गई।
ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में तेजी से ट्रांसफर कर दिया था पीड़ित से प्राप्त रकम
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगों ने पीड़ित से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में तेजी से ट्रांसफर कर दिया था, ताकि पैसे का सुराग न मिल सके। जैसे ही तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर तत्काल खातों को सीज कराया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी नाम, नकली दस्तावेज़ और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर लोगों को झांसे में लेते थे। ठग खुद को कभी सरकारी अधिकारी, तो कभी कंपनी प्रतिनिधि बताकर भरोसा जीतते थे।
पुलिस लेनदेन में इस्तेमाल हुए खातों और मोबाइल नंबरों की कर रही जांच
सायबर सेल अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न की जाती, तो ठगी की रकम विदेश या अन्य खातों में भेजी जा सकती थी। तकनीकी निगरानी और त्वरित बैंक समन्वय के चलते बड़ी राशि को सुरक्षित किया जा सका। पुलिस अब उन खातों के धारकों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल लेन-देन में हुआ। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह संगठित सायबर गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अनजान कॉल, लिंक या ई-मेल पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सायबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/ganja-smuggling-being-carried-out-on-a-corporate-basis-in-bhind-network-busted/101600
भिंड में कॉरपोरेट की तर्ज पर हो रही थी गांजा तस्करी, नेटवर्क का भंडाफोड़