गाजियाबाद में टीला मोड़ थाना क्षेत्र की इकबाल कॉलोनी में करंट लगने से 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। यहां घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)। गाजियाबाद में टीला मोड़ थाना क्षेत्र की इकबाल कॉलोनी में करंट लगने से 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। यहां घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में देखा जा सकता है कि मासूम आयन एक ट्रांसफार्मर के पास पेशाब करने जाता है तभी उसे करंट लग जाता है जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है।
लगातार हो रहे करंट हादसों से लोगों में बढ़ा आक्रोश
गाजियाबाद में लगातार बारिश के बाद करंट लगने के कई मामले सामने आ रहे हैं। करंट लगने के कारण बच्चों से लेकर युवा तक अपनी जान गवा चुके हैं। इस हालिया घटना के बाद से परिजनों और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश का माहौल है। उनका आरोप है कि इलाके में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर में करंट फैलने की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता, तो संभवतः इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
पहले भी दी गई थीं करंट फैलने की शिकायतें
लोगों ने कहा कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां लंबे समय से बिजली के खंभे अथवा ट्रांसफार्मर में करंट आने की समस्या बनी हुई थी। कई बार बिजली विभाग को इसकी जानकारी देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि विभाग की इस कथित लापरवाही के कारण क्षेत्र के निवासी लगातार खतरे के साए में जी रहे थे।
परिजनों ने की FIR और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद अयान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही का परिणाम है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा ऑडिट और मुआवजे की मांग
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बिजली व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। क्षेत्रवासियों ने यह भी मांग की कि बिजली विभाग सभी खंभों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत उपकरणों का तत्काल निरीक्षण कर उन्हें सुरक्षित बनाए, जिससे आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की भी मांग उठाई है।
सिस्टम की जवाबदेही पर बड़े सवाल
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के रखरखाव और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष तय करते हैं या नहीं। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें केवल संवेदना नहीं, बल्कि न्याय चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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