टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में रहे मतुआ समुदाय के हर व्यक्ति को बिना शर्त भारतीय नागरिता देने की मांग की है।
कोलकाता। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में रहे मतुआ समुदाय के हर व्यक्ति को बिना शर्त भारतीय नागरिता देने की मांग की है। उनका साफ कहना है कि मतुआ समुदाय भारतीय था और है और रहेगा। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी नदिया जिले के ताहेरपुर में सभा की और मुतआ समुदाय के लोगें को रिझाया।
राज्य में ढाई करोड़ से ज्यादा है मतुआ समुदाय के लोगों की आबादी
पूरे राज्य में मतुआ समुदाय के लोगों की आबादी ढाई करोड़ से भी ज्यादा है। नदिया, उत्तर चौबीस परगना और दक्षिण चौबीस परगना में सबसे ज्यादा उनकी आबहादी है। तीनों जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे है। बनगांव, रानाघाट और कृष्णनगर लोकसभा क्षेत्र में किसी भी पार्टी की जीत इनके समर्थन और विरोध पर निर्भर है।
टीएमसी के नेता अभीषेक बनर्जी ने ताहेरपुर में की सभा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताहेरपुर में 20 दिसंबर को सभा थी। लेकिन मौसम खराब होने की वजह से वे मौजूद नहीं हो पाए। उसके बाद यहां टीएमसी के नेता अभीषेक बनर्जी ने सभा की। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा को पश्चिमं बंगाल और बांग्लाभाषियों का विरोधी बताया और कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार इस राज्य का हक मार रही है, विकास की विभिन्न योजनाओं की दो लाख करोड़ से भी ज्यादा बकाया राशि नहीं दे रही है तो दूसरी भाजपा शासित राज्यों में बांग्लाभाषियो को बांग्लादेशी बता कर उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
टीएमसी नेता अभीषेक बनर्जी ने मतुआ समुदाय से मांगा समर्थन
उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय को लोगों ने भाजपा का समर्थन कर देख लिया है। भाजपा ने उनके भरोसा को तोड़ा है। इस बार टीएमसी पर भरोसा कर देख लें। टीएमसी उनके साथ हमेशा खड़ी रही है। एसआईआर में मतुआ समुदृय के लोगों का वोट का अधिकार छीन जा रहा है। एसआईआर में उनके नाम काटे जा रहे हैं। टीएमसी एक भी वोटर का नाम कटने का विरोध करेगी।
मतुआ समुदाय के मंदिर ठाकुरबाड़ी में पूजा अर्चना
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी बनगांव के तहत ठाकुरनगर गए और वहां मतुआ समुदाय के मंदिर ठाकुरबाड़ी में पूजा अर्चना की।
भाजपा की ओर से मतुआ समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिक बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। इस बाबत उनसे सीसीए फॉर्मं भरवाया जा रहा है। लेकिन अधिकतर लोग फॉर्म नहीं भर रहे है। टीएमसी सीएए का विरोध कर रही है। उसका तर्क है कि भारत में रह रहे मतुआ समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिता का सीएए फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। यह फॉर्म भरने का मतलब है उन्हें बांग्लादेशी मान लेना।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/shubhendu-adhikari-will-file-defamation-case-against-mamata-banerjee/104331
ममता बनर्जी को 72 घंटे का अल्टीमेटम, आरोपों का प्रमाण न देने पर होगा मानहानि का मुकदमा