दिशा सालियन मौत मामले में CBI की FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई नाम शामिल होने का वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है। मामले की जांच CBI कर रही है।
ठाणे (महाराष्ट्र)। ठाणे में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में CBI द्वारा दर्ज FIR को लेकर वकील नीलेश ओझा ने बड़ा दावा किया है। कोर्ट केस में सतीश सालियन का प्रतिनिधित्व कर रहे ओझा के अनुसार, FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह समेत अन्य के नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह FIR सतीश सालियन की शिकायत की शुरुआती जांच और जांच एजेंसी द्वारा दर्ज बयान के बाद दर्ज की गई।
गैंगरेप, हत्या और कवर-अप की धाराओं का दावा
वकील नीलेश ओझा ने कहा कि FIR गैंगरेप, हत्या और अपराध को छिपाने के आरोपों से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। उन्होंने IPC की धारा 376D, 302, 201, 217, 218 और 120B का उल्लेख किया। उनके अनुसार, FIR में डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, तत्कालीन DCP विशाल ठाकुर समेत पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
CBI जांच का आदेश देने के बाद दर्ज हुई FIR
बॉम्बे हाई कोर्ट के विस्तृत जांच के आदेश के बाद CBI ने सोमवार को दिशा सालियन की मौत के मामले में FIR दर्ज की। सालियन 8 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित घर में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत को पहले 'एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट' यानी ADR के तौर पर दर्ज किया गया था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब CBI मामले से जुड़े हालात की जांच कर रही है।
हाई कोर्ट ने ADR को लेकर जताई थी चिंता
इससे पहले सुनवाई के दौरान जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने दिशा सालियन के परिवार की ओर से हत्या के आरोप लगाए जाने के बावजूद केवल ADR दर्ज किए जाने पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने यह भी गौर किया था कि उनकी मौत के पांच साल बाद भी परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ADR की कॉपी नहीं दी गई थी।
सतीश सालियन ने जांचकर्ताओं को दिए नाम
सतीश सालियन ने शुक्रवार बातचीत में कहा था कि उन्होंने जांचकर्ताओं को अपनी बेटी की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई लोगों के नाम भी जांच अधिकारियों को दिए हैं, जिनसे वह चाहते हैं कि पूछताछ की जाए। सतीश सालियन ने कहा कि उन्होंने जांचकर्ताओं को तथ्य बताए हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द कार्रवाई शुरू होगी।
श्वेता सिंह कीर्ति ने जताई उम्मीद
CBI जांच पर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सच को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता। उन्होंने दिशा सालियन मामले में CBI जांच का स्वागत किया और कहा कि इससे राजपूत के कई फॉलोअर्स को उम्मीद मिली है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों को राजनीतिक अभियान बताया
आदित्य ठाकरे ने BJP पर पिछले छह साल से उनके खिलाफ बदनाम करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया है। इस महीने की शुरुआत में नासिक में पत्रकारों से बातचीत में ठाकरे ने कहा था कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और यह कदम सत्ताधारी पार्टी द्वारा राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने की कोशिश है। ठाकरे ने कहा, "इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है और मैंने इसके बारे में सोचा भी नहीं है। मैं इस पर जवाब क्यों दूं? BJP हर किसी को बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने सालों से राहुल गांधी को 'पप्पू' बनाने की कोशिश की है। उन्होंने पिछले छह सालों से मुझे बदनाम करने की कोशिश की है।
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