प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

मिलावटखोरों पर शिकंजा, पनीर-खोवा समेत कई खाद्य नमू

रायबरेली में मिलावटी पनीर, खोवा और देसी घी का खुलासा, जांच में असुरक्षित पाए गए कई खाद्य पदार्थ

रायबरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट ने बाजार में बिक रहे कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रायबरेली में मिलावटी पनीर खोवा और देसी घी का खुलासा जांच में असुरक्षित पाए गए कई खाद्य पदार्थ

Adulterated Paneer, Khoya and Ghee Found Unsafe in Raebareli After Food Safety Tests |

रायबरेली,(उत्तर प्रदेश)। अगर आप बाजार से पनीर, खोवा या देसी घी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, थाली में स्वाद बढ़ाने वाली ये चीजें आपकी सेहत बिगाड़ रही हैं। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भेजे गए सैंपलों की विधि विश्लेषक प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट ने हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। रायबरेली के बाजारों में बिक रहा पनीर और खोवा न सिर्फ मिलावटी है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। ब्रांडेड देसी घी से लेकर मसाले और रोजमर्रा का सामान तक मानकों पर खरा नहीं उतरा है।

​प्रयोगशाला की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

​जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सलोन के राधानगर स्थित डीके लघु उद्योग के साबुत धनिया के नमूने में मृत कीड़े मिले हैं, जिसके बाद इसे 'असुरक्षित' घोषित कर दिया गया।  वहीं, जगतपुर में सबीना की दुकान से लिए गए एक नामचीन ब्रांड के 'प्योर प्रीमियम देसी घी' में वनस्पति घी की मिलावट पाई गई है।

पनीर और खोवा में न्यूट्रलाइजर की मिलावट

खाद्य सुरक्षा टीम ने मई महीने में रोहनियां के खुरहट स्थित अंकुर डेयरी से पनीर और ऊंचाहार के अरखा स्थित गुप्ता स्वीट्स से खोवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। लैब रिपोर्ट में दोनों ही नमूनों को सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक बताते हुए असुरक्षित घोषित किया गया है। पड़ताल में सामने आया कि पनीर और खोवा को खराब होने से बचाने और गाढ़ा करने के लिए उसमें न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट जैसे खतरनाक रसायनों की मिलावट की गई थी। 

जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूनों को असुरक्षित घोषित

सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट युक्त खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन करने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है और लिवर व किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विभाग अब इन मिलावटखोरों और असुरक्षित उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर शिकंजा कसने और विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

यह भी पढ़ेंः जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल महिला की हालत स्थिर, स्वास्थ्य में लगातार सुधार

Related to this topic: