देश की विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम और विद्युत विभाग) ने वित्त वर्ष 2024-25 में सामूहिक रूप से 2,701 करोड़ रुपये का सकारात्मक कर पश्चात लाभ..
देश की विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम और विद्युत विभाग) ने वित्त वर्ष 2024-25 में सामूहिक रूप से 2,701 करोड़ रुपये का सकारात्मक कर पश्चात लाभ (पीएटी) प्राप्त किया है। यह इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य विद्युत बोर्डों के विभाजन और निगमीकरण के बाद से पिछले कई वर्षों से वितरण कंपनियां समग्र रूप से पीएटी घाटे में चल रही थी। वित्त वर्ष 2024-25 में 2,701 करोड़ रुपये का सकारात्मक लाभ (पीएटी) दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 25,553 करोड़ रुपये का घाटा और वित्त वर्ष 2013-14 में 67,962 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने प्रेस रिलीज में बताया कि राज्य विद्युत बोर्डों के विभाजन और निगमीकरण के बाद लागू सुधारों का परिणाम न केवल वितरण कंपनियों द्वारा इतने वर्षों बाद दर्ज किए गए सकारात्मक पीएटी में स्पष्ट है बल्कि अन्य प्रदर्शन संकेतकों में भी स्पष्ट है। पिछले कुछ वर्षों में कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) घाटे में कमी आई है जो एक परिवर्तन का संकेत है। एटी एंड सी घाटा वित्त वर्ष 2013-14 में 22.62 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 15.04 प्रतिशत हो गया है।
इसके अलावा, लागत वसूली में काफी सुधार का संकेत देते हुए आपूर्ति की औसत लागत-प्राप्त औसत राजस्व (एसीएस-एआरआर) का अंतर वित्त वर्ष 2013-14 में 0.78/केडब्ल्यूएच रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 0.06/केडब्ल्यूएच रुपये हो गया है। विद्युत (विलंबित भुगतान अधिभार) नियमों जैसे सुधारों के कारण उत्पादन कंपनियों को देय बकाया राशि में 96 प्रतिशत की कमी आई है। यह 2022 में 1,39,947 करोड़ रुपये से घटकर जनवरी 2026 तक मात्र 4,927 करोड़ रुपये रह गई है - जबकि वितरण उपयोगिता भुगतान चक्र वित्त वर्ष 2020-21 में 178 दिनों से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 113 दिन हो गया है।
केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह वितरण क्षेत्र के लिए एक नया अध्याय है और वितरण क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिए किए गए कई प्रयासों का परिणाम है। केंद्रीय विद्युत मंत्री ने कहा कि “भारत न केवल अपनी बल्कि विश्व की भी विकास यात्रा को गति दे रहा है। जिसमें ऊर्जा क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” मनोहर लाल ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में 8 आवश्यक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्युत क्षेत्र हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था को सहयोग दे सके और विकसित भारत की दिशा में अपना योगदान दे सके।
विद्युत मंत्रालय ने पिछले एक दशक में देश भर में वितरण इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। विभिन्न नीतिगत पहलों के अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ व्यापक संवादों में वितरण क्षेत्र में सुधारों पर जोर दिया गया है। इनमें 2025 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलनों - गंगटोक (पूर्वोत्तर क्षेत्र), मुंबई (पश्चिमी क्षेत्र), बेंगलुरु (दक्षिणी क्षेत्र), चंडीगढ़ (उत्तरी क्षेत्र) और पटना (पूर्वी क्षेत्र) के दौरान केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हुई चर्चाएं शामिल हैं। नियमित संवाद और समीक्षा ने वितरण इकाइयों के इस उल्लेखनीय सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
https://www.primenewsnetwork.in/india/indian-army-chief-said-any-kind-of-support-from-pakistan-will-be-given/104749