प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

एम्स ऋषिकेश भर्ती फर्जीवाड़ा

एम्स ऋषिकेश भर्ती में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़: बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया सॉल्वर, एक गिरफ्तार

एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। परीक्षा और नौकरी के लिए अलग-अलग चेहरे इस्तेमाल करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

एम्स ऋषिकेश भर्ती में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया सॉल्वर एक गिरफ्तार

Police Arrest Man for Using Different Faces in Exams and Jobs |

ऋषिकेश (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स ऋषिकेश की भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां CRE-3 के तहत वायरमैन पद की चयन प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान परीक्षा देने वाले और नौकरी हासिल करने वाले चेहरे अलग मिलने पर हड़कंप मच गया है।

बायोमेट्रिक जांच में खुला फर्जीवाड़ा

एम्स ऋषिकेश में 17 अक्टूबर को वायरमैन पद के अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान विकास कुमार मीणा की पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। जब मूल दस्तावेजों और पहचान पत्रों का मिलान किया गया, तो दस्तावेजों में दर्ज तस्वीरों और सामने खड़े व्यक्ति के चेहरे में स्पष्ट अंतर नजर आया। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि परीक्षा में बैठने वाला व्यक्ति और नियुक्ति के बाद नौकरी करने वाला शख्स अलग-अलग थे।

कैसे मिला नियुक्ति का रास्ता?

इस पूरे प्रकरण ने चयन प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि परीक्षा के दौरान पहचान का सत्यापन करने वाली प्रणाली इस अंतर को क्यों नहीं पकड़ पाई? इसके अलावा, नियुक्ति से पहले हुई दस्तावेजों की जांच में भी यह विसंगति नजरअंदाज कैसे हो गई, यह बड़ा जांच का विषय बन गया है।

राजस्थान तक जुड़े हैं तार

एम्स के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह की शिकायत पर ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जयपुर निवासी 40 वर्षीय आरोपी अशोक कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद उसे जिला कारागार देहरादून भेज दिया गया है। वहीं, मामले में दूसरा आरोपी विकास कुमार मीणा फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

क्या अन्य भर्तियों में भी हुई सेंधमारी?

इस खुलासे के बाद पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि क्या यह धोखाधड़ी सिर्फ वायरमैन की एक ही परीक्षा तक सीमित है या इसके तार अन्य भर्तियों से भी जुड़े हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे रैकेट की तह तक जाने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़ें: रेखा आर्या पर 210 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस बोली- मंत्री को तुरंत बर्खास्त करें CM धामी

Related to this topic: