समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए गोरखपुर में पार्टी की अंदरूनी खींचतान का मुद्दा उठाया है। उन्होंने भगवान कृष्ण के नाम 'रणछोड़' के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, खासकर गोरखपुर में कथित अंदरूनी लड़ाई को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। साथ ही भगवान कृष्ण के नाम 'रणछोड़' को गलत तरीके से इस्तेमाल करने की आलोचना की। X पर एक पोस्ट में यादव ने कहा कि जो लोग अपने पड़ोसियों से अपना टिकट पक्का नहीं करवा पाए, अगर वे अपनी इज्ज़त बनाए रखना चाहते हैं तो उन्हें इस तरह की बातें करने से बचना चाहिए।
'रणछोड़' टिप्पणी पर सियासी घमासान
उन्होंने लिखा, "उन्होंने जो बातें की हैं, वे किसी 'गुस्सैल' इंसान की बातों से प्रेरित लगती हैं। भगवान कृष्ण के दूसरे अच्छे नाम 'रणछोड़' का गलत तरीके से इस्तेमाल करके, उन्होंने साबित कर दिया है कि उनका ज्ञान समाज के लिए कितना सीमित, छोटी सोच वाला और खतरनाक है। किसी के लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री पद पर जाने के बारे में की गई बातों पर सवाल उठाते हुए यादव ने पूछा कि यह किसके लिए था और कहा कि गोरखपुर के लोग लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी के बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा, अब यह सिर्फ दिल्ली और लखनऊ के बीच की अंदरूनी लड़ाई नहीं है। गोरखपुर में BJP के अंदर दबदबे की अंदरूनी लड़ाई 'लिखकर की गई बातचीत' से खुलकर सामने आ गई है।
अखिलेश यादव ने BJP की अंदरूनी कलह पर कसा तंज
अखिलेश यादव ने पहले जारी किए गए एक नोटिस का भी ज़िक्र किया और कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग इसे जारी करने वालों को नहीं भूले हैं। उन्होंने X पर लिखा, हम आज फिर वही सवाल पूछ रहे हैं जो हमने तब पूछे थे, क्योंकि उस समय से लेकर अब तक ये सवाल बिना जवाब के हैं- 5 बड़े या 7? - असेंबली बड़ी या लोकसभा? - राज्य मंत्री बड़े या सेंट्रल? - राज्य अध्यक्ष बड़े या नेशनल? जिनका नाम ही 'कमल' से जुड़ा है। वे अपनी अंदरूनी लड़ाई में कमल के निशान के लिए तरसते रहेंगे- अगर ऐसा नहीं है, तो राज्य अध्यक्ष के तौर पर उन्हें BJP का पहला टिकट अपने लिए घोषित करना चाहिए।
नितिन नवीन करेंगे दो दिवसीय संगठनात्मक दौरा
यह टिप्पणी गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा से पहले आई है, जिसे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लीड कर रहे हैं। यह मार्च BJP के देश भर में आउटरीच कैंपेन का हिस्सा है, जिसका मकसद विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के मुद्दों पर राजनीतिक विरोधियों को टारगेट करना है। नवीन 4 और 5 नवंबर को गोरखपुर का दो दिन का ऑर्गेनाइज़ेशनल दौरा करेंगे, जिसके दौरान वह पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च को लीड करेंगे और आने वाले चुनावों से पहले सीनियर नेताओं, ऑफिस-बियरर्स और पब्लिक रिप्रेज़ेंटेटिव्स के साथ कई मीटिंग्स की अध्यक्षता करेंगे।
(इनपुट: ANI)
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