समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में विश्वविद्यालयों, शिक्षा और परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई है।
'शिक्षा संस्थानों को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट'
सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट है। उन्होंने नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए उनके मनोबल की सराहना की।
छात्रों पर कार्रवाई का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन करने वाले छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई छात्रों को जेल भेजा गया और सोशल मीडिया पर लिखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि युवाओं को परेशान किया जा रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
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'भाजपा के एजेंडे में रोजगार नहीं'
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं और शिक्षा के हित में काम नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के एजेंडे में नौकरी और रोजगार शामिल नहीं हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों की सरकार ने क्या मदद की।
PDA और सामाजिक न्याय की बात दोहराई
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान के तहत लोगों को उनके अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए काम करती रहेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराया और आगे भी सामाजिक न्याय के मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।