अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर एक दूसरे के काजू खाने को लेकर तंज कसा। दोनों नेताओं के बीच यह बहस 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सामने आई है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के काजू खाते हुए वीडियो शेयर कर तंज कसा। अखिलेश यादव ने पाठक पर निशाना साधते हुए वीडियो पोस्ट किया, जिसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव के खाने का वीडियो साझा किया और उनकी सादगी की छवि पर सवाल उठाए।
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर किया पलटवार
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव का मेज पर खाना खाते हुए वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने SP प्रमुख की सादगी वाली छवि पर तंज कसते हुए कहा कि मेज पर काजू, किशमिश, बादाम और कई तरह के शानदार व्यंजन रखे हैं। पाठक ने कहा कि राजनीतिक दिखावे की थाली में दाल रोटी होती है, जबकि असली थाली में लजीज पकवान होते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की कथित सादगी को लेकर भी सवाल उठाया और इसे राजनीतिक दिखावा बताया।
अखिलेश ने अस्पताल की घटना से जोड़ा काजू वाला तंज
इससे पहले अखिलेश यादव ने काजू वाले तंज को एक कथित घटना से जोड़ा था। उन्होंने एक गर्भवती मुसहर महिला को अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि BJP सरकार PDA की कितनी बड़ी दुश्मन है, यह बताने की जरूरत नहीं है। SP PDA शब्द का इस्तेमाल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए करती है।
मुसहर महिला को लेकर अखिलेश ने लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एक मुसहर जाति की गर्भवती महिला को जाति के आधार पर अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि महिला को खुले में गंदगी वाली जगह पर बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर वह काजू खाने से थोड़ा समय निकाल सकें तो उन्हें देखना चाहिए कि उनका विभाग किस हद तक भेदभाव के जहर से भर गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी
यह मामला 2027 की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है। राज्य में BJP की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर SP चुनावी मैदान में है। SP ने अपनी राजनीति के अहम PDA फॉर्मूले को फिर से अपनाया है। वहीं BJP तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। (Source: ANI)
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