अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए अखिलेश यादव। बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान ही प्रेम और समानता का महाकाव्य है और अयोध्या का होगा अंतरराष्ट्रीय विकास।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ 'पवन पांडेय' के पैतृक आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर भूमि अधिग्रहण में भेदभाव का आरोप लगाने के साथ ही मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने का खुला सियासी चैलेंज दिया है।
अयोध्या में आध्यात्मिक और सियासी मेल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने अयोध्या दौरे के दौरान आध्यात्मिक मंच से तीखे राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिए। वे यहां सपा नेता व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक आवास कृष्णापुर, खानपुर रसूलाबाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने व्यास पीठ का पूजन किया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा, "प्रभु श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या की पावन धरती पर आज सभी हरिभक्त मिलकर 'जय राधेश्याम' बोल रहे हैं, यही हमारे समाज, देश और संस्कृति की खूबसूरती है।" उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार चुनाव होने जा रहा है, और ऐसे मौके पर कलियुग के ताप को हरने वाली भागवत कथा का अमृतपान करना एक बड़ा सौभाग्य है।
भागवत कथा और सामाजिक न्याय का संदेश
सपा प्रमुख ने देश की संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि हम बचपन से रामायण और महाभारत सुनते आए हैं। उन्होंने कहा, "जो भव के बंधन से मुक्त कराये वही भागवत है और जो व्यथा हरे वही कथा है।" आज समाज अहंकार, सत्ता, जाति, भेदभाव, छुआछूत और ऊंच-नीच के बंधनों से जकड़ा हुआ है, ऐसे में भागवत कथा की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे लिए प्रभु श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम में कोई भेद नहीं है। कथा के संदेश को जीवन में उतारने पर बल देते हुए उन्होंने कहा, "भागवत कथा कोई कहानी नहीं है, बल्कि यह मनोवर्धन करती है और मन तथा मनोबल को बढ़ाती है। कहानी अंत में क्षणिक आनंद देती है जबकि कथा खत्म होने पर उत्तरदायित्व की अमिट गहरी अनुभूति कराती है।" उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का पूरा जीवन प्रेम, दया और अपनापन पर टिका है। जहाँ प्रेम सर्वोपरि है, वही वास्तविक लोकतंत्र है। आज के समय में प्रेम और समानता के महाकाव्य को संविधान कहा जाता है, इसलिए संविधान की रक्षा करना हम सबका दायित्व है।
भूमि अधिग्रहण और विकास के बड़े वादे
सपा अध्यक्ष ने अयोध्या के भविष्य को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, तब अयोध्या का विकास करके इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में अयोध्या के लोगों के भूमि अधिग्रहण में हर स्तर पर भेदभाव किया गया है। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्यावासियों को उनकी जमीनों का उचित बाजार भाव दिया जाएगा और माताओं-बहनों को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री को सीधा और खुला सियासी चैलेंज
अयोध्या के सियासी समीकरणों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतने ही आश्वस्त हैं, तो वे खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।"
इस धार्मिक आयोजन में व्यास पीठ से जगतगुरु डॉ. राघवाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराया। इस अवसर पर स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पवन पांडेय के तीखे बोल और सपा शासनकाल की उपलब्धियां
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय उर्फ पवन पांडेय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमेशा सभी का सम्मान किया और न्याय की राह पर चले हैं।
पवन पांडेय ने सपा शासनकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि अखिलेश सरकार में बेटियों को कन्या विद्या धन, छात्र-छात्राओं को लैपटॉप, मुफ्त शिक्षा-चिकित्सा, किसानों को दुर्घटना बीमा और एक्सप्रेस-वे जैसी सौगातें मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने विकास का कोई काम नहीं किया और सिर्फ भ्रष्टाचार व लूट को बढ़ावा दिया है।
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