प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिख समुदाय पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। मामला वाराणसी की अदालतों से होते हुए हाई कोर्ट पहुंचा है।
Allahabad High Court Reserves Verdict on Plea Seeking FIR Against Rahul Gandhi |
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिख समुदाय के बारे में कथित विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब एक घंटे तक बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखने का निर्णय लिया। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने की।
याचिकाकर्ता और राज्य सरकार ने अदालत में रखे अपने पक्ष
याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा और अन्य की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल अदालत में पेश हुए। यह याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत दायर की गई है। इसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
वाराणसी की अदालत से खारिज हुई थी FIR की मांग
यह मामला वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा और अन्य लोगों की शिकायत से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने सारनाथ थाने में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का रुख किया। 28 नवंबर 2024 को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM-II) ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि कथित टिप्पणियां अमेरिका में की गई थीं, जो उसके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
MP/MLA कोर्ट से हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
ACJM-II के आदेश के बाद नागेश्वर मिश्रा ने MP/MLA कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की, जिसे 21 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया गया। राहुल गांधी ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद वाराणसी की ACJM-IV अदालत में मामले की दोबारा सुनवाई हुई। ACJM नीरज त्रिपाठी ने कथित घटना की तारीख और समय का उल्लेख नहीं होने का हवाला देते हुए मामला फिर खारिज कर दिया।
दूसरी पुनरीक्षण याचिका और राहुल गांधी का जवाब
इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने ACJM-V कोर्ट में एक और पुनरीक्षण याचिका दायर की। राहुल गांधी ने 25 अगस्त को MP/MLA कोर्ट में अपना लिखित जवाब दाखिल किया। इसमें उन्होंने याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने खुद को सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करते हैं, जिनमें सिख समुदाय भी शामिल है।
अमेरिका में दिए गए बयान से जुड़ा है विवाद
यह याचिका राहुल गांधी की 2024 की अमेरिका यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान से संबंधित है। उस दौरान उन्होंने कहा था कि मुख्य मुद्दा यह है कि क्या भारत में एक सिख को पगड़ी पहनने और कड़ा धारण करने का अधिकार है। इसी बयान को लेकर नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। (Source: ANI)
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