मध्य प्रदेश के रीवा में मीट मार्केट में संदिग्ध परिस्थितियों में मांस की बिक्री का मामला सामने आया है।
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा में मीट मार्केट में संदिग्ध परिस्थितियों में मांस की बिक्री का मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई में बीमार हालत में मिले 4 बकरों को जब्त कर पशु अस्पताल भेजा गया। मामले के सामने आने के बाद नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर सवाल
मांस की बिक्री से पहले पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षित कटान को लेकर नियम निर्धारित हैं। ऐसे में बिना उचित स्वास्थ्य जांच के बीमार पशुओं के कटान और उनके मांस की बिक्री की शिकायत गंभीर मामला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मीट मार्केट में पशुओं के स्वास्थ्य की पर्याप्त जांच नहीं की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान मिले 4 बकरों को उपचार और जांच के लिए पशु अस्पताल भेजा गया।
10 बजे के बाद निगरानी को लेकर सवाल
मौके पर मौजूद नगर निगम के सफाई दरोगा से जब अवैध कटान और बीमार पशुओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उनकी ड्यूटी सुबह 10 बजे तक रहती है। इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि निर्धारित ड्यूटी समय के बाद मीट मार्केट की निगरानी कौन करता है और पशुओं के अवैध या अस्वास्थ्यकर कटान की स्थिति में कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है।
बिना जांच मांस बिक्री की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और कटान की प्रक्रिया की नियमित निगरानी नहीं की जाती है, तो इससे खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। अब सवाल यह है कि बिना पशु चिकित्सक की जांच और आवश्यक अनुमति के संदिग्ध मांस बाजार तक कैसे पहुंच रहा था और इस मामले में जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था क्या थी।
जांच के बाद सामने आएगी स्थिति
मामले में जब्त किए गए बकरों की पशु चिकित्सकीय जांच और आगे की विभागीय कार्रवाई से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे किन परिस्थितियों में बीमार थे और क्या उनके कटान या मांस की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ था।
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