केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा के मंत्रियों, सांसदोें, पदाधिकारियों और विधायकों को पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत के लिए ज्यादा से ज्यादा अपनी गतिविधियां तेज करने को कहा है।
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा के मंत्रियों, सांसदोें, पदाधिकारियों, विधायकों और पिछले लोकसभा चुनाव में परास्त हुए उम्मीदवारों को आपसी दूरी व सारे मतभेदों को मिटाकर पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत के लिए ज्यादा से ज्यादा अपनी गतिविधियां तेज करने को कहा है। उन्होंने प्रदेश नेताओं को आगामी दो महीने तक अपने-अपने क्षेत्र मे सप्ताह में चार दिन रहने और हर दिन पांच पथ-सभा करने को कहा। उन्होंने साफ किया कि चुनाव में उम्मीदवार बनाते वक्त यह देखा जायेगा कि तय रणनीति के अनुसार किसने कितना काम किया है।
प्रदेश के शीर्ष चार नेताओं से साथ अलग से की बैठक
उन्होंने प्रदेश के शीर्ष चार नेताओं से साथ अलग से बैठक की। उनमें अलग-थलग कर दिए गए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद दिलीप घोष थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक न्यूटाउन होटल में हुई बैठक में उन्होंने यह संकेत दिया कि 15 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल में बदलाव हो जाएगा। टीएमसी की सरकार चली जाएगी और भाजपा की सरकार बनेगी। चुनाव में जीत के लिए पूरी तैयारी करनी है। उन्होंने मौजूदा सांसदों के साथ-साथ पूर्व सासंदों को कहा कि वे इस विधानसभा में अपने अनुभरों को काम में लगाए। इस मामले में आपस में एक दूसरे के बीच सहयोग होना चाहिए।
पिछले चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने में दिलीप घोष की अहम भूमिका
भाजपा नेता अमित शाह ने प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य, विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद दिलीप घोष के साथ अलग बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल, भूपेन यादव, विल्पव देव भी मौजूद हुए। दिलीप घोष को पार्टी की जिम्मेदारी से अलग-थलग कर दिया गया था। वे समर्थकों के साथ पार्टी की स्थिति को जमबूत करने का काम कर रहे थे। पिछले चुनावों में पार्टी की स्थिति मजबूत करने में उनकी भूमिका को अहम मानी जा रही है। अमित शाह ने उन्हें अपनी बैठक में काफी तरजीह दी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके और प्रदेश के दूसरे शीर्ष नेताओं के बीच आपसी मनमुटाव को खत्म करने के लिए अलग से बैठक की। विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे संगठन को मजबूत और नेताओं को एक कर उनको सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अमित शाह ने भ्रष्टाचार और बांग्लादेश से घुसपैठ को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
केंद्रीय गृम मंत्री अमित शाह ने साइंस सिटी में आयोजित कोलकाता के कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में कोलकाता महानगर के चार लोकसभा सीटों के अंतर्गत 28 विधानमसभा सीटों में से 20 सीटो पर जीत सुनिश्चित करना है। इसकी तैयारी में कोई कमी नहीं रहे। उन्होंने उन्हें बताया कि पश्चिम बंगाल में दो बड़ी समस्याएं हैं। एक है भ्रष्टाचार और दूसरा है बांग्लादेश से घुसपैठ। इन समस्याओं ने संस्थागत रूप ले लिया है। भ्रष्टाचार के कारण सरकार- प्रशासन नही रह गया है। यहां मां माटी मानुष की बात कही जाती है लेकिन मां-बहनों की सुरक्षा नही है। इस राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ इतना है कि यहां के भूमि पुत्रों को बाहर हो जाना पड़ेगा और बांग्लादेशी का राज होगा।
भाजपा नेता अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को कहा कि इस राज्य से घुसपैठियों को बाहर करे और राज्य की प्रगति के लिए अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ानी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनाव होने और मतदान तक लगातार सक्रिय रहने पर जोर दिया।
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