छिंदवाड़ा। जिले में चर्चित 'कोल्ड्रिफ कफ सिरप' (Coldrif Cough Syrup) के सेवन से हुई बच्चों की मौत के...
छिंदवाड़ा। जिले में चर्चित 'कोल्ड्रिफ कफ सिरप' (Coldrif Cough Syrup) के सेवन से हुई बच्चों की मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नये घटनाक्रम में, SIT ने दो और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।
24 बच्चों की हुई है मौत
इस जहरीले कफ सिरप के कारण अब तक 24 बच्चों की मौत हो चुकी है। अधिकतर मौतें किडनी फेल होने (Renal Failure) के कारण हुई थीं। SIT ने जांच के आधार पर दो डॉक्टरों को हिरासत में लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को यह असुरक्षित सिरप प्रिस्क्राइब किया था। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी और उनकी पत्नी सहित अब तक कई लोग जेल भेजे जा चुके हैं। ताजा गिरफ्तारियों के साथ अब जांच का दायरा बढ़ गया है।
लैब जांच में खुलासा, कफ सिरफ में था जहरीला रसायन
लैबोरेटरी रिपोर्ट में यह सामने आया था कि 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीला रसायन मानक सीमा से कहीं अधिक मात्रा में पाया गया था। यह रसायन आमतौर पर उद्योगों में विलायक के रूप में उपयोग होता है और मानव शरीर, विशेषकर बच्चों के गुर्दों (Kidneys) के लिए घातक है।
मामला अक्टूबर, 2025 में सुर्खियों में आया
यह मामला अक्टूबर 2025 में तब सुर्खियों में आया जब छिंदवाड़ा के परासिया और आसपास के इलाकों में अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच के दौरान पता चला कि इन बच्चों को 'कोल्ड्रिफ' नामक कफ सिरप दिया गया था। इसके बाद सरकार ने SIT का गठन किया और सिरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी 'श्रीसन फार्मास्युटिकल्स' (Sresan Pharmaceuticals) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि यदि किसी के पास इस ब्रांड का सिरप उपलब्ध है तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।
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