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आसवनी से 27610 ली0 बह जाने का मामला

यूपी के सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान बर्खास्त

यूपी के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने सहायक आबकारी आयुक्त (आबकारी) रामप्रीत चौहान, के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

यूपी के सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान बर्खास्त 

यूपी के सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान बर्खास्त 

आसवनी से 27610 ली0 बल्क ईएनए के बह जाने/चोरी हो जाने का था प्रकरण 

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने सहायक आबकारी आयुक्त (आबकारी) रामप्रीत चौहान, के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई रामप्रीत चौहान की गोंडा में तैनाती के दौरान नवाबगंज आसवनी से बड़ी मात्रा में ईएनए के बह जाने/चोरी हो जाने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद की गई है। 

यूपी के गोण्डा जनपद के नवाबगंज की मे. स्टार लाईट ब्रुकेम लिमिटेड की से डिस्टिलरी (आसवनी) से नवम्बर 2024 में 27,610 लीटर बल्क लीटर ईएनए के बह जाने या फिर चोरी हो जाने की गंभीर घटना घटित हुई थी। इस चोरी से आसवनी को भारी नुकसान हुआ था। ईएनए यानि  एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (Extra Neutral Alcohol)  एथिल अल्कोहल का सबसे शुद्ध रूप है। चीनी मिलों में यह गन्ने के रस या अनाज जैसे कच्चे माल से बनाया जाता है और इसमें कोई स्वाद या गंध नहीं होती है। ईएनए का उपयोग मुख्य रूप से शराब (व्हिस्की, वोदका, जिन), खाद्य पदार्थों (सिरका), सौंदर्य प्रसाधन, दवाओं और अन्य औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। 

प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश के बाद ईएनए चोरी मामले का दिसंबर 2024 में संज्ञान में लेते हुए विभागीय जांच गठित की गई थी। आबकारी मंत्री ने विभागीय जांच हेतु संयुक्त आबकारी आयुक्त, आगरा को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच अधिकारी द्वारा की गई विस्तृत जांच में रामप्रीत चौहान को दोषी पाया गया। जांच में दोषी पाए गए अधिकारी रामप्रीत चौहान, सहायक आबकारी आयुक्त (आबकारी) के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि आबकारी विभाग में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। विभाग में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी भ्रष्टाचार या अनियमितता में लिप्त पाया जाएगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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