रायबरेली स्थित ऐतिहासिक टेकारी स्टेट कोर्ट में चोरों ने कुलदेवी के मंदिर को निशाना बनाते हुए अष्टधातु की मूर्तियों, सोने के मुकुट और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। डीह थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक टेकारी दादू गांव के टेकारी स्टेट कोर्ट में गुरुवार देर रात चोरों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने परिसर के पिछले हिस्से से दाखिल होकर राजा अखिलेश्वरी प्रताप सिंह के परिवार की कुलदेवी के मंदिर को निशाना बनाया।
करोड़ों के नुकसान का दावा
चोरों ने मंदिर से अष्टधातु की शिव-पार्वती, गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों के साथ-साथ मां दुर्गा की प्रतिमा पर लगा सोने का मुकुट, चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा है, जिससे नुकसान करोड़ों में होने की आशंका जताई जा रही है।
घटनास्थल पर कुछ तलवारें बरामद
मंदिर के अलावा चोरों ने राजमहल (कोर्ट) के अंदर भी भारी उत्पात मचाया। विभिन्न कमरों, किचन और बेडरूम के लगभग आठ तालों को काटकर सामान को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया गया। घटनास्थल पर कुछ तलवारें भी बरामद हुई हैं, जिनकी जांच की जा रही है कि वे परिसर की हैं या बाहर से लाई गई थीं। घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ में रहने वाले राजा अखिलेश्वरी प्रताप सिंह ने पुजारी कृष्णानंद से फोन पर स्थिति की जानकारी ली। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उनके बेटे ऐश्वर्या प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ड्यूटी पर तैनात दो चौकीदारों से पूछताछ
सूचना पाकर डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड की टीमों को भी बुलाया गया। पुलिस ने पुजारी, मैनेजर बृजेश कुमार श्रीवास्तव और रात में ड्यूटी पर तैनात दो चौकीदारों से पूछताछ की, लेकिन फिलहाल कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। स्टेट कोर्ट के मैनेजर बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर डीह थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी रवि कुमार के निर्देशन में पुलिस की कई टीमें चोरों की तलाश और चोरी गए सामान के सत्यापन में जुटी हैं।
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