प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

औरंगाबाद में सीवरेज प्रोजेक्ट से खुदी सड़कें

औरंगाबाद शहर में 411.08 करोड़ का सीवरेज प्रोजेक्ट बना मुसीबत, खुदी सड़कों से लोग परेशान

शहर में अमृत 2.0 योजना के तहत 411.08 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा अंडरग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।

औरंगाबाद शहर में 41108 करोड़ का सीवरेज प्रोजेक्ट बना मुसीबत खुदी सड़कों से लोग परेशान

Aurangabad Sewerage Project Leaves Dug-Up Roads, Residents Troubled |

औरंगाबाद {बिहार}: शहर में अमृत 2.0 योजना के तहत 411.08 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा अंडरग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब 196 किलोमीटर लंबे सीवरेज नेटवर्क, 8 पंपिंग स्टेशन और 20 MLD क्षमता के Sewage Treatment Plant (STP) के निर्माण के लिए शहरभर में सड़कों की खुदाई की जा रही है, लेकिन कार्य में बरती जा रही लापरवाही से नागरिक परेशान हैं।

करोड़ों की लागत से तैयार हो रहा सीवरेज नेटवर्क

यह पूरा कार्य बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCo) द्वारा कराया जा रहा है, जिसका जिम्मा Enviro Infra Engineers कंपनी को दिया गया है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर को आधुनिक सीवरेज सुविधा से जोड़ना है, लेकिन जमीनी हकीकत में मानकों की अनदेखी हो रही है।

कई इलाकों में खोदी गईं सड़कें

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, टिकरी रोड स्थित अलीनगर मोहल्ला, मदीना मस्जिद रोड, कर्मा रोड, क्लब रोड, बराटपुर रोड सहित कई इलाकों में सीवर पाइप डालने के लिए सड़कों को खोद दिया गया है। पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों की सही तरीके से भराई और सड़क की मरम्मत नहीं की जा रही है। तकनीकी नियमानुसार पाइप बिछाने से पहले और बाद में बालू की परत बिछाना अनिवार्य है, ताकि नुकीले पत्थर या मलबे से पाइप को नुकसान न पहुंचे। आरोप है कि संवेदक द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा और खोदी गई मिट्टी व मलबे से ही गड्ढों को भर दिया जा रहा है।

बारिश में बढ़ी कीचड़ और जलजमाव की परेशानी

परिणामस्वरूप बारिश के मौसम में इन सड़कों पर भारी कीचड़, फिसलन और जलजमाव की स्थिति बन गई है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बाइक सवारों के फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई जगहों पर पाइपलाइन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जो दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं।

लोगों ने जांच और सड़क मरम्मत की मांग की

मोहल्लेवासियों का कहना है कि एक तरफ करोड़ों का प्रोजेक्ट शहर के विकास के लिए लाया गया है, वहीं दूसरी तरफ लापरवाही से हो रहे काम से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों ने जिला प्रशासन और BUIDCo के अधिकारियों से मामले की जांच कर मानक के अनुसार काम कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

ये भी पढ़ें: सिंगरौली में रफ्तार का कहर, बाइक सवार को बस ने मारी जोरदार टक्कर; हादसे के बाद कई किमी लगा लंबा जाम

Related to this topic: