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बकानी में किसानों का प्रदर्शन तेज

फसल बीमा राशि नहीं मिलने पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, बीमा कंपनी का पुतला फूंका

खरीफ-2025 की फसल बीमा दावा राशि और आपदा राहत मुआवजा नहीं मिलने से नाराज किसानों ने बकानी में रैली निकालकर बीमा कंपनी का पुतला जलाया।

फसल बीमा राशि नहीं मिलने पर किसानों का उग्र प्रदर्शन बीमा कंपनी का पुतला फूंका

Farmer Protest In Rajasthan |

झालावाड़: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) की बकाया दावा राशि और राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आपदा राहत मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं होने से नाराज किसानों का गुस्सा रविवार को बकानी में खुलकर सामने आया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले 30 जुलाई से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को उग्र हो गया। हजारों किसानों ने दो किलोमीटर लंबी रैली निकालकर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी का पुतला दहन किया और सरकार व बीमा कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बीमा कंपनी का पुतला दहन कर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

धरना स्थल से शुरू हुई रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंची। किसानों ने हाथों में तख्तियां लेकर "बीमा कंपनी होश में आओ", "हम अपना अधिकार मांगते हैं, भीख नहीं" और "अभी तो ली है अंगड़ाई, आगे और लड़ाई है" जैसे नारों से पूरे कस्बे को गुंजायमान कर दिया। बस स्टैंड पर बीमा कंपनी का पुतला दहन कर किसानों ने अपना विरोध दर्ज कराया।

किसानों को बार-बार दिया जा रहा आश्वासन

धरना स्थल पर आयोजित सभा में किसान नेताओं ने कहा कि खरीफ-2025 की फसल खराब हुए करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को आज तक बीमा क्लेम और मुआवजा राशि नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा।

बीमा और मुआवजा राशि जमा नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन

किसान नेताओं के अनुसार, झालावाड़ जिले के किसानों के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन करीब 170 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक पात्र किसान के खाते में बीमा और मुआवजा राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

समाधान ना मिलने पर व्यापक होगा आंदोलन

नेताओं ने सरकार और बीमा कंपनी पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान किसी से अहसान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित बीमा कंपनी की होगी। भारतीय किसान संघ ने दोहराया कि जब तक अंतिम पात्र किसान के खाते में बीमा और मुआवजा राशि नहीं पहुंचती, तब तक आंदोलन और धरना लगातार जारी रहेगा।

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