बलिया में डीएम ने सभी स्कूल बसों का 10 दिन के भीतर फिटनेस टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। समयसीमा का पालन नहीं होने पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बलिया में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बैठक में विद्यालय परिवहन यानों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों, जैसे पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र तथा चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
स्कूल वाहनों की होगी निगरानी
समिति विद्यालयों से संबद्ध वाहनों के संचालन की निगरानी करेगी और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराएगी। साथ ही बस स्टॉप चिह्नित करने तथा आवश्यक सुझाव जिला स्तरीय समिति को भेजने का भी निर्णय लिया गया।
बिना फिटनेस प्रमाण पत्र बसों पर रोक
जिलाधिकारी ने आरटीओ को निर्देशित किया कि जिले की सभी स्कूल बसों का फिटनेस टेस्ट शत-प्रतिशत कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के कोई भी स्कूल बस सड़क पर नहीं चलनी चाहिए। सभी विद्यालयों को 10 दिनों के भीतर अपने वाहनों का फिटनेस परीक्षण हर हाल में कराने के निर्देश दिए गए हैं।
फिटनेस न कराने पर एफआईआर की चेतावनी
डीएम ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद जिन विद्यालयों की बसों का फिटनेस टेस्ट नहीं कराया जाएगा, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्कूल बस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन किया जाए तथा उनका स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वर्ष में एक बार स्कूल बस चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य
साथ ही प्रत्येक चालक का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित विभाग 10 दिनों के भीतर निर्धारित कार्रवाई पूरी करना सुनिश्चित करें। बैठक में एआरटीओ अरुण कुमार राय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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