MP News : मंडला। यहां के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है।
MP News : मंडला। यहां के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच में सामने आया है कि बैंक से जुड़े लेन-देन में लगभग 65 लाख रुपये का अनियमित ऋण वितरण किया गया, जिसमें नियमों को दरकिनार कर गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़ा किया गया। यह मामला बैंक और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के माध्यम से दिए गए ऋण से संबंधित है।
आरोप है कि पात्रता की जांच किए बिना, आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में और निर्धारित प्रक्रिया को नजरअंदाज कर लाखों रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। यह अनियमितता कई वर्षों तक चलती रही, लेकिन अब जांच में इसका खुलासा हुआ है।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में ऋण की राशि का उपयोग तय उद्देश्य के लिए नहीं किया गया। वहीं कुछ खातों में राशि लौटाने की प्रक्रिया भी संदिग्ध पाई गई। बैंक प्रबंधन और संबंधित समिति की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित विभाग ने तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह लापरवाही थी या सुनियोजित आर्थिक अपराध। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप से जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैंक की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त नियंत्रण और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी।
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