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बारीपदा रथ यात्रा की तैयारियां पूरी

ओडिशा: बारीपदा की ऐतिहासिक रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में, 16 जुलाई को निकलेगी भव्य यात्रा

पुरी के बाद ओडिशा की दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा मानी जाने वाली ऐतिहासिक बारीपदा रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

ओडिशा बारीपदा की ऐतिहासिक रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में 16 जुलाई को निकलेगी भव्य यात्रा

Baripada Rath Yatra Preparations Near Completion |

बारीपदा (ओडिशा): पुरी के बाद ओडिशा की दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा मानी जाने वाली ऐतिहासिक बारीपदा रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 16 जुलाई को आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन से पहले कारीगर तीनों रथों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। द्वितीया श्रीक्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध बारीपदा में सदियों पुरानी इस परंपरा को निभाने के लिए शिल्पकार और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। हर वर्ष ओडिशा और पड़ोसी राज्यों से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ खींचने के लिए यहां पहुंचते हैं।

70 प्रतिशत कार्य पूरा

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर तीनों रथों का निर्माण शुरू हुआ था। अब तक लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। रथ निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने वन विभाग के माध्यम से विशेष लकड़ी की व्यवस्था कराई है। फिलहाल 12 कारीगर रथों पर पारंपरिक चित्रकारी का काम कर रहे हैं, जबकि 50 से अधिक अनुभवी रथ महाराणा निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। लगातार बारिश के कारण काम की गति कुछ धीमी हुई, लेकिन अब इसे समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। कारीगर प्रभास रंजन जेना ने बताया कि बारिश की वजह से कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन मौसम ठीक होते ही काम तेज कर दिया गया है। उनका कहना है कि पूरी टीम समय पर रथ निर्माण पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, कारीगर सूरज कुमार बेहरा ने कहा कि फिलहाल रथों की रंगाई का काम चल रहा है। अगले कुछ दिनों में मूर्तियों की स्थापना के बाद रथ यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

1575 में बना था बारीपदा का जगन्नाथ मंदिर

बारीपदा स्थित जगन्नाथ मंदिर का निर्माण वर्ष 1575 में राजा बैद्यनाथ भंजदेव ने कराया था। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां आयोजित होने वाली वार्षिक रथ यात्रा ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। रथ यात्रा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियों में जुटा है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारु व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

(एएनआई)

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