उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 'भारत बौद्धिक्स 2.0' परीक्षा का पोस्टर जारी किया। राष्ट्रीय परीक्षा 21 नवंबर 2026 को होगी। यूजी-पीजी विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹100 है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के संवर्धन एवं प्रसार के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के समन्वय से आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय 'भारत बौद्धिक्स 2.0' परीक्षा के पोस्टर का विधिवत विमोचन सोमवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर किया। यह राष्ट्रीय परीक्षा आगामी 21 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, निदेशक उच्च शिक्षा सहित विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के क्षेत्र संयोजक प्रो. जयशंकर पांडे, प्रान्त सचिव डॉ. मंजुल त्रिवेदी, राज्य समन्वयक प्रो. अभिषेक तिवारी, प्रो. प्रणव मिश्र तथा डॉ. हिमांशु मिश्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भारतीय ज्ञान परंपरा से युवाओं को जोड़ने पर जोर
पोस्टर विमोचन के उपरांत उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप विगत कई वर्षों से भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुशीलन हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों में निरंतर अभिनव नवाचार कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'भारत बौद्धिक्स 2.0' परीक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा में अध्ययनरत आज की युवा पीढ़ी (जेन-जी) भारत के समृद्ध बौद्धिक विमर्श, विज्ञान, दर्शन एवं गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा से गहराई से परिचित होगी तथा अपने स्वर्णिम अतीत से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देगी। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से इस परीक्षा में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित कराने का आह्वान किया।
यूजी-पीजी छात्रों के लिए होगी दो घंटे की ऑफलाइन परीक्षा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन पर आधारित यह 2 घंटे की ऑफलाइन परीक्षा कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं सामाजिक विज्ञान विषयों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी दोनों रहेगा। परीक्षा पैटर्न के तहत विद्यार्थियों द्वारा चुने गए विषय से 60 प्रश्न, सभी के लिए अनिवार्य भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े 20 सामान्य प्रश्न तथा 1 विवरणात्मक (डिस्क्रिप्टिव) प्रश्न पूछा जाएगा। परीक्षा में प्रतिभाग करने हेतु प्रति विद्यार्थी ₹100 का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है तथा सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को संस्थागत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर मेधावी छात्रों को मिलेंगे नकद पुरस्कार
अखिल भारतीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। इसके अंतर्गत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को 1लाख रुपए (एक राष्ट्रीय पुरस्कार), द्वितीय स्थान पर रहने वाले 2 अभ्यर्थियों को 50-50 रुपए तथा तृतीय स्थान पर चयनित 4 अभ्यर्थियों को 25-25 रुपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 300 विद्यार्थियों को 2,500-2,500 रूपये के सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
21 पुस्तकों से तैयारी, 13 भाषाओं में उपलब्ध अध्ययन सामग्री
परीक्षा की सुगम तैयारी के लिए विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा 'किताब वाले' प्रकाशन के सहयोग से भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित 21 प्रामाणिक पुस्तकों की श्रृंखला तैयार कराई गई है, जो हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बांग्ला, तेलुगु, तमिल, ओडिया, पंजाबी, मराठी, उर्दू, मलयालम, कन्नड़ और असमिया सहित 11 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देशों एवं पंजीकरण हेतु आधिकारिक वेबसाइट www.bharatboudhiks.com जारी की गई है।
यह भी पढ़ें: लखनऊ में शैक्षिक संगोष्ठी में बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, शिक्षक हैं राष्ट्र के भविष्य के शिल्पकार