भोपाल-नर्मदापुरम में मध्य-पूर्व युद्ध से इत्र उद्योग बुरी तरह प्रभावित, रमजान में बड़े ऑर्डर रद्द, पेट्रोल-डीजल के लिए भीड़ बढ़ी।
भोपाल/नर्मदापुरम। मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष ने भोपाल के पारंपरिक इत्र उद्योग की कमर तोड़ दी है। विशेष रूप से रमजान के पवित्र महीने में, जब इत्र की मांग चरम पर होती है, व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खाड़ी देशों (Gulf Countries) से आने वाले 100 से ज्यादा बड़े ऑर्डर रद्द हो चुके हैं। रमजान के दौरान भोपाल में आमतौर पर 20-25 करोड़ रुपये की बिक्री होती थी, जो इस बार युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध से प्रदेश के कुछ इलाकों में घवराहट फैल गई है। लोग पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी के कारण गाड़ी में तेल भरने के साथ अतिरिक्त तेल का स्टॉक रखने की जुगत में लग गये हैं।
प्रीमियम कंसाइनमेंट रास्ते में फंसा
कई किलोग्राम प्रीमियम इत्र के कंसाइनमेंट रास्ते में ही फंसे हुए हैं या उन्हें असुरक्षित रास्तों के कारण वापस बुला लिया गया है। हवाई और समुद्री मार्ग बाधित होने के कारण माल भेजने की लागत (Freight Cost) काफी बढ़ गई है, जिससे छोटे व्यापारियों का मुनाफा खत्म हो गया है।
100 साल पुराने कारोबार पर मंडरा रहा है खतरा
भोपाल का इत्र बाजार अपनी शुद्धता और पारंपरिक खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहाँ के इत्र का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों को निर्यात किया जाता है। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने 100 साल के इतिहास में पहली बार रमजान के दौरान ऐसा संकट देखा है।
व्यापारी कहते हैं, "जहांगीराबाद और बैरागढ़ जैसे इलाकों में इत्र बनाने वाली छोटी इकाइयां और सैकड़ों कारीगर अब बेरोजगारी के कगार पर हैं, क्योंकि स्टॉक गोदामों में भरा पड़ा है और नए ऑर्डर मिल नहीं रहे हैं।"
मध्य-पूर्व के युद्ध से चिंता में व्यापारी
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो भोपाल के इस सुगंधित उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने में सालों लग सकते हैं। इत्र की सप्लाई चेन पूरी तरह से टूट चुकी है और विदेशी खरीदार अब नए सौदे करने से हिचकिचा रहे हैं।
उधर, पेट्रोल पंपों पर भीड़, डीजल-पेट्रोल का स्टॉक करने पहुंचे लोग
नर्मदापुरम जिले में मध्य पूर्व के युद्ध के कारण पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। लोग ईंधन की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते किसान और आम नागरिक पेट्रोल-डीजल का स्टॉक करने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे।
देर रात तक लगी रही वाहनों की कतारें
अफवाह फैलने के बाद पिपरिया और बनखेड़ी क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर दोपहर से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग ट्रैक्टर, बाइक और कारों में बड़ी मात्रा में डीजल-पेट्रोल भरवाते नजर आए। कुछ लोग अतिरिक्त डिब्बों और कैनों में भी ईंधन भरकर ले जाते दिखे।
लोग कर रहे हैं ईंधन जमा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर युद्ध की खबरें तेजी से फैलने लगीं, जिसके बाद उन्हें लगा कि कहीं पेट्रोल-डीजल की कमी न हो जाए। इसी आशंका के चलते कई लोग एहतियात के तौर पर पहले से ईंधन जमा करने पहुंच गए।
घबराने की जरूरत नहीं
हालांकि प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना जरूरत ईंधन का स्टॉक न करें, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी की स्थिति पैदा न हो।
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