भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है...
11 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को बड़ी सौगात, 20 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ |
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। लंबे समय से प्रतीक्षित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना को अब मूर्त रूप दे दिया गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के साथ अपनी हरी झंडी दे दी है।
इनको मिलेगा लाभ
इस योजना से प्रदेश के लगभग 11 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। लाभार्थियों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा मिलेगी। अब कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले पैसे खर्च कर बाद में रीइम्ब्र्समेंट (भुगतान वापसी) के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल में केवल कार्ड दिखाकर सीधे कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा।
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता
वरिष्ठ सचिव समिति ने प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए इसे राज्य के कर्मचारियों के लिए 'बड़ी सौगात' बताया है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरती जाए और अस्पतालों के चयन में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। इस योजना का मॉडल हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों की तर्ज पर तैयार किया गया है, जहाँ सरकारी कर्मचारियों को पहले से ही ऐसी सुविधा मिल रही है। यह योजना 'मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य आश्वासन योजना' के अंतर्गत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य सरकारी अमले को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।
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