उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में एक मंदिर में दो संन्यासियों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सुथा गांव में एक मंदिर में दो संन्यासियों की कथित तौर पर हत्या कर उनके शव जला दिए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुमित के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। मुख्य आरोपी सुमित को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
कार्यवाहक शिव कुमार ने लिखित शिकायत दर्ज कराई
पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना सुबह करीब 7 बजे मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और एक फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव जले हुए पाए गए और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए।
शाहजहांपुर पुलिस ने बताया, "1 अक्टूबर, 2026 को सुबह करीब 7 बजे खुदागंज थाना क्षेत्र के सुथा गांव में एक धार्मिक स्थल पर दो संन्यासियों से जुड़ी घटना की सूचना मिली।" पुलिस ने बताया कि धार्मिक स्थल के कार्यवाहक शिव कुमार ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सुमित नाम का एक स्थानीय व्यक्ति हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा हुआ था और घटना से कुछ दिन पहले वह दोनों संन्यासियों के साथ समय बिता रहा था।
घटनास्थल से सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र किए
प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि धार्मिक स्थल के परिसर को लेकर विवाद घटना का कारण हो सकता है। शिकायत और पुलिस द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर दोनों संन्यासियों को परिसर छोड़ने के लिए कह रहा था। पुलिस ने बताया, "ग्रामीणों ने शुरू में पुष्टि की है कि सुमित ने एक बार दोनों संन्यासियों को परिसर छोड़ने के लिए कहा था और बताया था कि अब वह वहां रहेगा और उसका ही अधिकार होगा। प्रथम दृष्टया, यह घटना कल रात इसी विवाद का परिणाम प्रतीत होती है। घटनास्थल से सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और घटना के सही समय और कारण का पता लगाने के लिए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।"
पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
पुलिस ने नामजद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है और मौतों से संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रही है। घटनाक्रम का सटीक क्रम, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या संन्यासियों की हत्या के बाद उनके शवों को आग लगाई गई थी, अभी तक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से स्थापित नहीं हो पाया है। आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
(इनपुट: ANI)
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