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15 'साइनाइड बम' की खबर से मचा हड़कंप

भोपाल में संभागायुक्त कार्यालय को 15 साइनाइड बमों से उड़ाने की धमकी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संभागायुक्त कार्यालय (Divisional Commissioner Office) को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल मिलने के बाद से हड़कंप मच गया है।

भोपाल में संभागायुक्त कार्यालय को 15 साइनाइड बमों से उड़ाने की धमकी

Bomb Threat Emails Target Bhopal Office and Indore RTO |

भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संभागायुक्त कार्यालय (Divisional Commissioner Office) को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल मिलने के बाद से हड़कंप मच गया है। इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन सतर्क हो गये। यह धमकी सोमवार को संभागायुक्त की आधिकारिक मेल आईडी पर एक ईमेल के जरिए भेजी गई। ईमेल में कार्यालय को 15 साइनाइड बमों से उड़ाने की बात कही गई। उधर इंदौर में भी आरटीओ में साइनाइड बम की घमकी मिली। इसके बाद परिसर को खाली करा लिया गया।

फिल्म का भी जिक्र

खास बात यह है कि धमकी भरे मेल में एक फिल्म का भी जिक्र किया गया है। मालूम हो कि मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय से लगातार बम धमाके करने के धमकी भरे मेल आने का सिलसिला जारी है। पुलिस और साइबर सेल इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि मेल भेजने वाले का पता लगाया जा सके।

इंदौर के RTO में भी धमकी

इंदौर स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विभाग की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा संदेश मिला। इस ईमेल में दावा किया गया कि कार्यालय परिसर में 15 साइनाइड गैस बम रखे गए हैं, जिनमें धमाका किया जाएगा।

ईमेल सोमवार को देखा गया

यह धमकी भरा ईमेल रविवार रात करीब 10:06 बजे भेजा गया था, लेकिन कार्यालय बंद होने के कारण सोमवार सुबह स्टाफ के आने पर इसे देखा गया। भेजने वाले ने खुद को 'नीरज गांधी' बताते हुए लिखा कि परिसर में 15 छोटे साइनाइड बम रखे गए हैं। ईमेल में तमिलनाडु की राजनीति और एक मंत्री के खिलाफ चल रहे सीबीआई केस को वापस लेने की मांग भी की गई थी। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद तेजाजी नगर पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर पूरे दफ्तर को खाली कर लिया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने कई घंटों तक इमारत के कोने-कोने की तलाशी ली।

जांच में नहीं मिला संदिग्ध चीज

गहन तलाशी के बाद सुरक्षा बलों को कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह एक फर्जी (Hoax) कॉल थी। दोपहर बाद जब स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाई गई, तब जाकर विभाग में कामकाज दोबारा शुरू हो सका। अधिकारियों के अनुसार, ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जा रहा है और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।

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